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ऋषि पंचमी पर भूलकर भी न करें ये गलतियां, नहीं मिलेगा पूजा का पूर्ण फल

Published: Mon, 14 Sep 2026 07:30 PM (IST)

ऋषि पंचमी का पर्व हिंदू धर्म में विशेष महत्व रखता है, जहां सप्तऋषियों की पूजा की जाती है। इस दिन ...और पढ़ें

ऋषि पंचमी व्रत में इन बातों का रखें ध्यान, मिलेगा सप्तऋषियों का आशीर्वाद (Picture Credit: AI Generated)

ऋषि पंचमी व्रत में इन बातों का रखें ध्यान, मिलेगा सप्तऋषियों का आशीर्वाद (Picture Credit: AI Generated)

HighLights

  1. हल से जोते अनाज का सेवन वर्जित है।

  2. असहाय को सताने से बचें, सेवा करें।

  3. मासिक धर्म में व्रत या पूजा न करें।

धर्म डेस्क, नई दिल्ली। ऋषि पंचमी का पर्व हिंदू धर्म में विशेष रूप से महत्व रखता है। इस दिन सप्तऋषियों की पूजा करने की परंपरा है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, ऋषि पंचमी पर विधि-विधान से पूजा और व्रत करने से महिलाओं के सभी पाप दूर होते हैं। यह पर्व जाने-अनजाने में हुई गलतियों के लिए प्रायश्चित का दिन माना जाता है और व्रत करने से पुण्य की प्राप्ति होती है।
पूजा के दौरान आपको कुछ नियमों का पालन करने की सलाह दी जाती है और कुछ गलतियों से बचना जरूरी होता है। इस दिन की गई कुछ गलतियां पूजा के शुभ फल में बाधा डाल सकती हैं। अगर आप ऋषि पंचमी का व्रत रखने या सप्तऋषियों की पूजा करने जा रही हैं, तो यहां बताई बातों का विशेष ध्यान रखें।

हल से जोते हुए अनाज का सेवन

ऋषि पंचमी के दिन जो महिलाएं उपवास करती हैं उन्हें भूलकर भी हल से जोते हुए अनाज का सेवन नहीं करना चाहिए। इस व्रत को मासिक धर्म की अशुद्धियों की क्षमा मांगने और सप्त ऋषियों का आशीर्वाद पाने के लिए प्रमुख माना जाता है और यदि आप इस दौरान ऐसे अनाज का सेवन करती हैं तो पूजा स्वीकार्य नहीं मानी जाती है।

ऐसा माना जाता है कि हल चलाने से मिट्टी के नीचे मौजूद कई जीव-जंतुओं को हानि हो सकती है, जिससे पाप लगता है। इसी वजह से ऐसे अनाज का सेवन करने से मना किया जाता है।

असहाय को सताना

यदि आप ऋषि पंचमी का व्रत करने के साथ किसी भी जरूरतमंद को सताती हैं, तो आपको पूजा का पूर्ण फल नहीं मिलता है। इस दिन आपको जरूरतमंदों की सेवा करनी चाहिए और उन्हें जरूरत का सामान दान में देना चाहिए। अगर आप इस दिन किसी को भी कष्ट पहुंचाती हैं, तो पूजा स्वीकार्य नहीं मानी जाती है।

धार्मिक मान्यता के अनुसार, व्रत और पूजा के साथ आपके लिए दया, सेवा और करुणा का भाव भी मन में रखना जरूरी होता है। इस दिन जरूरतमंदों की सहायता करना, भोजन कराना अत्यंत लाभदायक हो सकता है।

किसी बात पर झूठ बोलना

ऋषि पंचमी के दिन व्रती महिलाओं को को मन, वचन और कर्म से शुद्ध रहने की सलाह दी जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन झूठ बोलना, किसी को धोखा देना या जानबूझकर गलत बात कहना व्रत की भावना के अनुकूल नहीं माना जाता है।

ऐसा करने से आपको व्रत का पूर्ण फल नहीं मिलता है और आप जिस गलती की क्षमा मांगने के लिए व्रत कर रही हैं वो भी पूर्ण नहीं होती है।

मासिक धर्म में व्रत या पूजन करना

ऋषि पंचमी के व्रत में मासिक धर्म से जुड़े नियमों को लेकर अलग-अलग धार्मिक परंपराएं हैं। मान्यताओं में इस दौरान व्रत या पूजा न करने की सलाह दी जाती है। इस व्रत की कथा के अनुसार एक स्त्री को सप्तऋषियों से इसलिए श्राप दिया था क्योंकि उसने मासिक धर्म के दौरान भोजन बनाया था।

इसलिए आज भी इस व्रत को मासिक धर्म के दौरान हुई गलतियों की क्षमा मांगने के लिए फलदायी माना जाता है। इसी वजह से मासिक धर्म के दौरान ऋषि पंचमी की पूजा करने से मना किया जाता है।

अगर आप भी ऋषि पंचमी का व्रत करती हैं, तो यहां बताई गलतियों से बचें। ऐसा करने से आपको पूजा का पूर्ण फल मिलेगा।

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अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण अंधविश्वास के खिलाफ है।