किस्मत चमकाने का दुर्लभ मौका, राधा अष्टमी पर करें यह 1 उपाय, बरसेगी किशोरी जी की कृपा बरसेगी
राधा अष्टमी के पावन अवसर पर राधा रानी की पूजा का विशेष महत्व है, जो सुख-समृद्धि लाती है। इस दिन ...और पढ़ें
-1789795186926_m.webp)
राधा अष्टमी के चमत्कारी उपाय (Picture Credit: AI Generated)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। राधा अष्टमी (Radha Ashtami 2026) के दिन पूरे ब्रज में बहुत ही खास उत्साह देखने को मिलता है। बरसाना के राधा रानी मंदिर भक्तों को भारी भीड़ देखने को मिलती है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि पर राधा रानी का प्राकट्य हुआ था।
इसलिए इस तिथि पर राधा अष्टमी मनाई जाती है। वैदिक पंचांग के अनुसार, यह पर्व आज यानी 19 सितंबर को मनाया जा रहा है। मान्यता है कि इस अवसर पर राधा रानी की पूजा करने से सुख-समृद्धि में वृद्धि होती है। साथ ही किशोरी जी की कृपा से जीवन में सुख-शांति बनी रहती है।
इस दिन कई उपाय भी किए जाते हैं, जिनसे साधक को जीवन में शुभ परिणाम प्राप्त होते हैं। इस आर्टिकल में हम आपको राधा अष्टमी के कुछ विशेष उपाय बताएंगे, जिन्हें करने से किस्मत चमक सकती है और किशोरी जी की कृपा बरसेगी।
राधा अष्टमी के उपाय
- हिंदू धर्म में तुलसी के पौधे का अधिक महत्व है। मान्यता के अनुसार, इस पौधे में धन की देवी मां लक्ष्मी का वास होता है। इस पौधे को घर में लगाने से सुख-शांति बनी रहती है। अगर आप भी अपने घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार चाहते हैं, तो राधा अष्टमी के दिन घर में तुलसी का पौधा लगाएं। वास्तु शास्त्र के अनुसार, तुलसी को उत्तर-पूर्व दिशा में लगाना शुभ होता है। इस पौधे को लगाने से घर में मां लक्ष्मी का आगमन होता है और परिवार के सदस्यों पर देवी की कृपा बरसती है।
- राधा अष्टमी के दिन मंदिर में या गरीब लोगों को दान करने का विशेष महत्व है। इस दिन राधा रानी की पूजा करने के बाद अपनी श्रद्धा के अनुसार विशेष चीजों का दान करें। ऐसा माना जाता है कि राधा अष्टमी के दिन सच्चे मन से दान करने से पति-पत्नी के बीच मतभेद या दांपत्य जीवन में चल रहा तनाव दूर होता है और रिश्ते में मजबूती आती है। साथ ही किशोरी जी का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
- राधा अष्टमी के दिन लाड़ली जी की विशेष पूजा-अर्चना करें। इसके बाद उन्हें सफेद मिठाई, मखाने की खीर या पेड़े का भोग लगाएं। ऐसा माना जाता है कि इस उपाय को करने से पारिवारिक क्लेश की समस्या दूर होती है और आपसी प्रेम बढ़ता है। साथ ही साधक को जीवन में शुभ परिणाम मिलते हैं।
- इस दिन सुहागिन महिलाएं राधा रानी को 16 श्रृंगार अर्पित करें और जीवन में सुख-शांति की कामना करें। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस उपाय को करने से अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद प्राप्त होता है और वैवाहिक जीवन की समस्याएं दूर होती हैं।
यह भी पढ़ें- 19 सितंबर को महासंयोग, एक ही दिन राधा अष्टमी और महालक्ष्मी व्रत, किस समय किसकी करें पूजा?
यह भी पढ़ें- राधा अष्टमी 2026: किशोरी जी को क्यों चढ़ाया जाता है 16 श्रृंगार? यहां समझें सुहाग सामग्री का धार्मिक महत्व
अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण अंधविश्वास के खिलाफ है।
