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पितृ पक्ष 2026: शादी की खरीदारी करने से पहले जान लें जरूरी नियम, अनजाने में न करें ये गलतियां

Published: Fri, 11 Sep 2026 04:00 PM (IST)

क्या पितृ पक्ष (श्राद्ध) में शादी की शॉपिंग करना अशुभ होता है? शास्त्रों के अनुसार, जानिए इस दौरान कपड़े, गहने और जरूरी सामान खरीदना सही है या नहीं।

पितृ पक्ष में शॉपिंग करना कितना सही? (AI-Generated image)

पितृ पक्ष में शॉपिंग करना कितना सही? (AI-Generated image)

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समय कम है?

जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

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धर्म डेस्क, नई दिल्ली। देवउठनी एकादशी के बाद से शादियों का सीजन पूरे जोर-शोर से शुरू हो जाता है। ऐसे में जिन घरों में शादियां हैं, वहां सबसे बड़ी दुविधा ये होती है कि अगर बीच में 'पितृ पक्ष' आ जाए, तो क्या शादी की शॉपिंग रोक देनी चाहिए?

हमारे समाज में कई परिवारों के अंदर यह मान्यता सालों से चली आ रही है कि श्राद्ध के दिनों में नए कपड़े, गहने या कोई भी शुभ सामान नहीं खरीदना चाहिए। आइए जानते हैं कि इसमें कितनी सच्चाई है और शास्त्र इस बारे में क्या कहते हैं।

क्या शास्त्रों में है खरीदारी की मनाही?

हम अपने आस-पास अक्सर सुनते हैं कि पितृ पक्ष में खरीदारी करना अशुभ होता है। लेकिन, आपको जानकर हैरानी होगी कि शास्त्रों में हर तरह की खरीदारी पर रोक लगाने का कोई स्पष्ट नियम नहीं मिलता है। ज्योतिष के प्रसिद्ध ग्रंथ 'मुहूर्त चिंतामणि' की मानें, तो साल भर अपनी जरूरत के हिसाब से खरीदारी की जा सकती है। इसलिए, सिर्फ पितृ पक्ष का समय होने की वजह से सामान खरीदना अपने आप में बुरा या अशुभ नहीं माना जा सकता।

क्या श्राद्ध को शोक समझना सही है?

ज्यादातर लोग पितृ पक्ष को शोक या दुख का समय समझ लेते हैं, जबकि यह पूरी तरह सही नहीं है। असल में यह समय हमारे पूर्वजों को याद करने, उनके प्रति सम्मान जताने का है। पूजा-पाठ, दान-पुण्य और सादगी से रहना इस दौरान अच्छा होता है। इस दौरान सच्चे मन से किए गए सकारात्मक, सात्विक कार्यों और दान को बहुत महत्व दिया जाता है।

क्या शादी की शॉपिंग करना सही है?

आजकल की बिजी लाइफस्टाइल में किसी भी फंक्शन की तैयारियों के लिए वैसे भी कम ही समय मिलता है। अगर आपके घर में पितृ पक्ष के तुरंत बाद किसी की शादी पड़ रही है, तो आप बिना किसी डर या संकोच के कपड़े, ज्वेलरी और बाकी जरूरी चीजें खरीद सकते हैं। किसी भी ग्रंथ में इसे लेकर सख्त मनाही नहीं है।

हमारे पूर्वज हमेशा अपने परिवार की तरक्की और खुशियां ही चाहते हैं। इसलिए इस दौरान बस ध्यान रखें कि जो भी काम करें, उसे खुशी और सकारात्मकता से करें। साथ ही, कोई भी शुभ काम करने से पहले मन ही मन अपने पूर्वजों का आशीर्वाद जरूर लें।

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अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें।