पितृ पक्ष में भूलकर भी न करें ये 7 गलतियां, नाराज पितरों को मनाना हो जाएगा मुश्किल
पितृ पक्ष के दौरान पूर्वजों को प्रसन्न रखने और पितृ दोष से बचने के लिए कुछ गलतियों से बचना चाहिए। आइए आपको बताते हैं इसके बारे में विस्तार से।

पितृ पक्ष में इन गलतियों से बचें, पूर्वज होंगे प्रसन्न और मिलेगा आशीर्वाद
HighLights
पितृ पक्ष में शुभ कार्य और नए वस्त्र न खरीदें।
मांस-मदिरा का सेवन और घर में कलह से बचें।
असहायों को न सताएं, पूर्वजों का श्राद्ध अवश्य करें।
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। पितृ पक्ष का समय पूर्वजों का श्राद्ध करने का समय माना जाता है। इस दौरान मृत पूर्वज पृथ्वी पर आते हैं और वंशजों से जल और भोजन प्राप्त करने की इच्छा दिखाते हैं। यह समय पूरी तरह से पूर्वजों को समर्पित होता है। हिंदू परंपरा में इस पखवाड़े के लिए कुछ स्पष्ट नियम और पाबंदियां बताई गई हैं।
ऐसा कहा जाता है कि जो व्यक्ति इन नियमों का पालन नहीं करता है उसे पितृ दोष का सामना करना पड़ सकता है और पूर्वज उनसे नाराज हो जाते हैं।
जिस तरह इस अवधि में पूर्वजों के लिए श्राद्ध कर्म करने से समृद्धि आती है, उसी तरह इन सोलह दिनों में आपको कुछ गलतियों से बचने की सलाह दी जाती है। यदि आप ये गलतियां करते हैं तो आपके पूर्वज आपसे नाराज हो सकते हैं और घर में समस्याएं बढ़ सकती हैं। आइए जानें उन गलतियों के बारे में।
शुभ काम न करें
ऐसा कहा जाता है कि पितृ पक्ष में आपको किसी भी तरह के शुभ काम जैसी शादी या सगाई की रस्में, नए घर में प्रवेश,नया व्यवसाय शुरू करना जैसे कामों से बचना चाहिए। इस दौरान आप नई गाड़ी, प्रॉपर्टी या कोई और बड़ी चीज भी न खरीदें। यह समय पूरी तरह से पूर्वजों को समर्पित होता है न कि अन्य शुभ कामों के लिए।
नए कपड़े खरीदने या पहनने से बचें
पितृ पक्ष के दौरान आपको नए कपड़े खरीदने की सलाह नहीं दी जाती है, क्योंकि इस समय मनन-चिंतन और शांति का भाव मन में होना चाहिए। हालांकि आप इस दौरान दान में देने के लिए वस्त्र खरीद सकते हैं।
मांस-मदिरा का सेवन न करें
यदि आप पितृ पक्ष में तामसिक भोजन का सेवन करते हैं तो आपके पूर्वज नाराज हो सकते हैं, इससे पितृ दोष लग सकता है। आपको इस दौरान मांस-मदिरा का सेवन भूलकर भी नहीं करना चाहिए।
घर में कलह-क्लेश न करें
पितृपक्ष के दौरान आपको घर का वातावरण शांत और पवित्र रखना चाहिए। इस दौरान किसी भी प्रकार का झगड़ा करना अशुभ माना जाता है। पितृ पक्ष के 16 दिनों तक घर में प्रेम, सौहार्द और सकारात्मक ऊर्जा बनाए रखें। यदि आप घर में कलह क्लेश करेंगे तो आपके पूर्वज आपसे नाराज हो सकते हैं।
किसी असहाय को न सताएं
पितृ पक्ष के दौरान आपको आस-पास किसी भी असहाय को परेशान नहीं करना चाहिए। इस दौरान आप पशु-पक्षियों को भी प्रताड़ित न करें। ऐसा करने से आपके घर में पितृ दोष लग सकता है और पूर्वज नाराज हो सकते हैं।
पूर्वजों का श्राद्ध करना न भूलें
पितृ पक्ष में सबसे जरूरी होता है पूर्वजों का श्राद्ध करना। आप यदि ऐसा नहीं करते हैं तो आपके घर में पितृ दोष लग सकता है और आप पूर्वजों के आशीर्वाद से वंचित रह सकते हैं।
किसी को भी अपशब्द न कहें
पितृ पक्ष में पूर्वज अलग-अलग रूपों में अपने वंशजों से मिलने आते हैं, इसलिए विनम्र, ईमानदार और सम्मानजनक व्यवहार बनाए रखना जरूरी माना जाता है। इस दौरान आप किसकी को भी अपशब्द न कहें और झूठ न बोलें।
पितृ पक्ष के 16 दिनों में यदि आप इन गलतियों को करने से बचेंगे तो आपके घर में सदैव खुशहाली बनी रहेगी और पूर्वजों का आशीर्वाद मिलेगा।
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