हरतालिका तीज पर अखंड सौभाग्य के लिए शिव-पार्वती को चढ़ाएं ये चीजें, वैवाहिक जीवन में आएगी सुख-शांति
हरतालिका तीज (Hartalika Teej 2026) पर सुहागिन महिलाएं और कुंवारी कन्याएं वैवाहिक सुख व मनचाहे वर के लिए व्रत रखती ...और पढ़ें

कैसे करें महादेव और मां पार्वती को प्रसन्न? (Picture Credits- AI Images)

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धर्म डेस्क, नई दिल्ली। हर साल हरतालिका तीज (Hartalika Teej 2026) का पर्व बहुत ही उत्साह के साथ मनाया जाता है। इस व्रत को सुहागिन महिलाएं और कुंवारी कन्याएं रखती हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस व्रत को करने से वैवाहिक जीवन में सुख-शांति बनी रहती है और कुंवारी कन्याओं के विवाह में आ रही बाधाएं दूर होती हैं। साथ ही मनचाहा वर मिलता है।
इस दिन भगवान शिव और मां पार्वती की पूजा-अर्चना करने का विशेष महत्व है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस दिन भगवान शिव और मां पार्वती को विशेष चीजें अर्पित करने से घर में सुख-समृद्धि का वास होता है और अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद प्राप्त होता है। ऐसे में आइए जानते हैं कि हरतालिका तीज के दिन महादेव और मां पार्वती को क्या अर्पित करना फलदायी होता है।
शिव-पार्वती को क्या चढ़ाएं?
सुहाग की सामग्री- हरतालिका तीज की पूजा के दौरान मां पार्वती को सच्चे मन से लाल चुनरी, सिंदूर, बिंदी, लाल चूड़ियां आदि सुहाग की सामग्री अर्पित करें। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इन चीजों को अर्पित करने से मां पार्वती प्रसन्न होती हैं और अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद प्रदान करती हैं।
बेलपत्र- महादेव की पूजा में बेलपत्र को जरूर शामिल करना चाहिए। बेलपत्र शिव जी को अत्यंत प्रिय है। एक बात का ध्यान रखें कि बेलपत्र कटा-फटा नहीं होना चाहिए। धार्मिक मान्यता के अनुसार, महादेव को बेलपत्र चढ़ाने से प्रभु प्रसन्न होकर भक्त की सभी मुरादें पूरी करते हैं।
धतूरा और सफेद फूल- इसके अलावा शिव जी को धतूरा और भांग चढ़ाना भी फलदायी माना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इन चीजों को अर्पित करने से शिव जी शीघ्र प्रसन्न होते हैं और भक्त को सुख-समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
मौसमी फल और मिठाई- हरतालिका तीज की पूजा के अंत में महादेव और मां पार्वती को फल और मिठाई सहित अन्य चीजों का भोग लगाएं। भगवान से सुख-शांति की प्रार्थना करें। इससे भक्त को जीवन में शुभ परिणाम प्राप्त होते हैं।
कब है हरतालिका तीज
भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि की शुरुआत 13 सितंबर को सुबह 07 बजकर 08 मिनट पर होगी। वहीं, इस तिथि का समापन 14 सितंबर को सुबह 07 बजकर 06 मिनट पर होगा। उदया तिथि के अनुसार, हरतालिका तीज व्रत 14 सितंबर को किया जाएगा।
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