डर लगता है या मन घबराता है? तो बस दुर्गा चालीसा की इस एक चौपाई का 108 बार कर लें जाप, मिनटों में गायब होगा भय
शारदीय नवरात्र में मन में डर या घबराहट हो तो दुर्गा चालीसा की एक चमत्कारी चौपाई का 108 बार जाप ...और पढ़ें

डर और घबराहट से ऐसे पाएं मुक्ति । (Picture Credit- AI Generated)

समय कम है?
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धर्म डेस्क, नई दिल्ली। शारदीय नवरात्र में मां दुर्गा की पूजा करने का विशेष महत्व है। धार्मिक मान्यता है कि मां दुर्गा अपने भक्तों को शक्ति और साहस प्रदान करती हैं। यही वजह है कि जब भी मन में डर, घबराहट या किसी अनहोनी की आशंका होती है, तो कई लोग मां दुर्गा का स्मरण करते हैं। कई बार बिना किसी स्पष्ट कारण के भी मन बेचैन रहता है, ऐसे में पूजा-पाठ और मंत्रों का जाप मन को शांत करने में मदद कर सकता है। दुर्गा चालीसा में मां के शक्तिशाली स्वरूप का वर्णन किया गया है।
वैसे तो आप यदि रोज दुर्गा चालीसा का पाठ करते हैं, तो आपके मन में भय के लिए स्थान नहीं रहेगा, मगर दुर्गा चालीसा याद न हो और अचानक कुछ ऐसा होता है कि आपको किसी बात से डर या अनहोनी की आशंका होती है, तो बस आपको मन ही मन दुर्गा चालीसा की वो चौपाई दोहराना शुरू कर देना चाहिए, जिसके 108 बार जाप से आपके अंदर दुर्गा मां की तरह साहस भर जाएगा। तो चलिए दुर्गा चालीसा की इस चौपाई के बारे में जानते हैं।
डर दूर करने के लिए दुर्गा चालीसा की कौन सी चौपाई पढ़ें?
दुर्गा चालीसा में मां दुर्गा के शक्तिशाली स्वरूप का वर्णन करते हुए यह चौपाई कही गई है:
"कर में खप्पर खड़ग विराजे। जाको देख काल डर भागे॥"
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस चौपाई में मां दुर्गा की शक्ति और उनके निर्भीक स्वरूप का बखान किया गया है। माना जाता है कि जब भक्त कठिन वक्त में होता है, तो मां का स्मरण करने से उसे संकट का सामना करने की शक्ति मिलती है।
क्या है इस चौपाई का अर्थ?
इस चौपाई का अर्थ है कि मां दुर्गा के हाथों में खप्पर और खड़ग यानी तलवार जैसे अस्त्र सुशोभित हैं। मां का यह शक्तिशाली स्वरूप इतना प्रभावशाली है कि स्वयं काल भी उन्हें देखकर भयभीत हो जाता है।
धार्मिक दृष्टि से देखा जाए तो इस चौपाई में बुराई पर अच्छाई की जीत और शक्ति के महत्व को बताया गया है। इस चौपाई के माध्यम से भक्तों द्वारा मां दुर्गा का स्मरण करना उन्हें कठिन परिस्थितियों में भी हिम्मत बनाए रखने में मदद करता है।
108 बार जाप करने का क्या है महत्व?
हिंदू धर्म में 108 की संख्या को शुभ माना जाता है। इसी वजह से कई मंत्रों का जाप 108 बार करने की परंपरा है। नवरात्र में भी भक्त मां दुर्गा के मंत्रों और स्तुति का जाप करते हैं। माना जाता है कि इस चौपाई का 108 बार जाप करने से मन में सकारात्मक भाव पैदा होते हैं और व्यक्ति को अपने डर का सामना करने का साहस मिलता है।
अतः जब भी आपको डर लगे, तो ऊपर बताई गई चौपाई का जाप करना शुरू कर दें। डर भाग जाएगा और परिस्थितियों का सामना करने का साहस मिल जाएगा।
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