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क्या आप जानते हैं नाग पंचमी पर नाग देवता को दूध क्यों चढ़ाया जाता है? पढ़ें इसके पीछे की कथा

Published: Sat, 15 Aug 2026 12:09 PM (IST)

नाग पंचमी पर नाग देवता को दूध चढ़ाने की परंपरा है, जिससे भगवान शिव और नाग देवता प्रसन्न होते हैं।

क्या है नाग पंचमी पर दूध चढ़ाने का कारण (Picture Credit- AI Generated)

क्या है नाग पंचमी पर दूध चढ़ाने का कारण (Picture Credit- AI Generated)

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धर्म डेस्क, नई दिल्ली। हिंदू धर्म में सावन के पवित्र महीने में मनाए जाने वाला नाग पंचमी एक प्रमुख त्योहार है। इस अवसर पर नाग देवता की पूजा-अर्चना करने का विधान है और नाग देवता को दूध चढ़ाने की परंपरा बहुत पुराने समय चली आ रही है।

धार्मिक मान्यता के अनुसार, नाग देवता को दूध अर्पित करने से भगवान शिव और नाग देवता दोनों प्रसन्न होते हैं। साथ ही भक्त को जीवन में शुभ परिणाम प्राप्त होते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि नाग पंचमी के दिन नाग देवता को दूध क्यों चढ़ाया जाता है। अगर नहीं पता, तो ऐसे में आइए इस आर्टिकल में आपको विस्तार से बताते हैं इसके पीछे के रहस्य के बारे में।

नाग देवता का दूध से क्या है संबंध?

पौराणिक कथा के अनुसार, जब सृष्टि की रक्षा और अमृत प्राप्ति के लिए समुद्र मंथन हुआ, तो उसमें से हलाहल नाम का विष निकला। इस विष की वजह से सृष्टि नष्ट हो जाती, तो ऐसे में भगवान शिव ने हलाहल विष को ग्रहण कर लिया। विष बहुत ही तेज था, जिसकी वजह से भगवान शिव के कंठ में जलन होने लगी। ऐसी स्थिति में देवताओं ने विष की तीव्र गर्मी और जलन को शांत करने के लिए महादेव पर दूध अर्पित किया।

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(Picture Credit- AI Generated)

तभी से शिव जी पर दूध अर्पित करने की परंपरा शुरू हुई। महादेव अपने गले में नाग देवता को धारण करते हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार, नाग पंचमी के दिन नाग देवता की पूजा और दूध अर्पित करने से काल सर्प दोष से मुक्ति मिलती है और घर में सुख-शांति का आगमन होता है। साथ ही भक्त पर भगवान शिव और नाग देवता की कृपा बरसती है। नाग पंचमी पर नागों को दूध अर्पित करने का वर्णन भविष्य पुराण में मिलता है।

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नाग देवता की पूजा में इन बातों का रखें ध्यान

  • नाग पंचमी की पूजा के लिए मिट्टी, चांदी, तांबे की धातु से बनी नाग देवता की प्रतिमा का ही प्रयोग करना चाहिए।
  • नाग देवता पर कच्चा दूध ही अर्पित करना चाहिए।
  • नाग देवता की पूजा में हल्दी, कुमकुम, सफेद चंदन, अक्षत और फूल शामिल करने चाहिए।
  • इस दिन नाग देवता को खीर और फल समेत आदि चीजों का भोग लगाना चाहिए। इस नाग देवता आशीर्वाद प्रदान करते हैं।

कब है नाग पंचमी 2026

पंचांग के अनुसार, इस बार नाग पंचमी 17 अगस्त को मनाई जाएगी।
सावन माह के शुक्ल पंचमी तिथि की शुरुआत- 16 अगस्त को शाम 04 बजकर 52 मिनट पर
सावन माह के शुक्ल पंचमी तिथि का समापन- 17 अगस्त को शाम 05 बजे

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अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है