Nag Panchami 2026 Muhurat: नाग पंचमी पर पूजा का शुभ समय क्या है? शुभ मुहूर्त में पूजा करने के मिलेंगे ये फल
नाग पंचमी 17 अगस्त 2026 पर नाग देवता की आराधना के लाभ जानें। इस दिन किस शुभ मुहूर्त में पूजा करना सही और फलदायी रहेगा, यह भी पढ़ें।

नाग पंचमी 2026: पूजा का शुभ मुहूर्त जानें। (Picture Credit- AI Generated)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। हर वर्ष की तरह इस साल भी नाग पंचमी का त्योहार सावन माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाया जाएगा। इस बार 17 अगस्त 2026, सोमवार के दिन नाग पंचमी पड़ रही है, इस दिन सावन का तीसरा सोमवार भी है। इसलिए इस बार की नाग पंचमी अपने आप में विशेष महत्व रखती है। ऐसे में शुभ मुहूर्त पर यदि पूजा कर ली जाए, तो इसका दोगुना फल भक्त को मिल सकता है।
चलिए हम आपको बताते हैं कि नाग पंचमी के दिन पूजा करने का शुभ मुहूर्त क्या रहेगा।
नाग पंचमी की पूजा का समय
सोमवार के दिन नाग पंचमी की पूजा के लिए सुबह 5 बजकर 50 मिनट से लेकर सुबह 8 बजकर 28 मिनट तक का समय सबसे उत्तम रहेगा। इस दौरान भक्त नाग देवता की विधि से पूजा कर सकते हैं। इस दिन यदि आप सावन सोमवार का व्रत रख रहे हैं, तो आपको नागव्रत का संकल्प नहीं लेना चाहिए। वहीं जो लोग नागव्रत रख रहे हैं, उन्हें सावन के तीसरे सोमवार का व्रत छोड़ना पड़ेगा।
नाग पंचमी के दिन पहले शिव जी या नाग किसकी करें पूजा?
नाग पंचमी के दिन सावन का सोमवार पड़ने की वजह से भक्तों के मन में दुविधा है कि पहले भगवान शिव की पूजा की जाए या फिर नाग देवता की। शास्त्रों की मानें तो पहले भगवान शिव की पूजा करें और उसके बाद आपको नाग देवता की पूजा करनी चाहिए। नाग को शिव जी का प्रिय आभूषण कहा गया है। शिव का ही अंश होने के कारण महादेव की पूजा किए बिना नाग की पूजा की जाए, तो इस पूजा के फल नहीं मिलते हैं।
नाग पंचमी पर किन नागों की पूजा करनी चाहिए?
शिव पुराण के अनुसार सांपों के दो प्रकार होते हैं। एक दिव्य और दूसरा भौम। दिव्य सांपों में 12 सांप आते हैं अनंत, वासुकी, शेष, पद्म, कम्बल, कर्कोटक, अश्वतर, धृतराष्ट्र, शंखपाल, कालिया, तक्षक और पिंगल। वहीं भौम सांप वो होते हैं, जो पृथ्वी पर रहते हैं। नाग पंचमी के दिन दिव्य सांपों के चित्र या प्रतिमा की पूजा करनी चाहिए और भौम सांपों का दर्शन करना चाहिए।
अतः नाग पंचमी के दिन विधि से शुभ मुहूर्त पर पूजा करने से भगवान शिव का विशेष आशीर्वाद प्राप्त किया जा सकता है।
यह भी पढ़ें- नाग पंचमी के दिन क्यों होती है सांपों की पूजा? इसके रहस्य और महत्व के बारे में यहां पढ़ें
यह भी पढ़ें- 17 अगस्त को नाग पंचमी पर भूलकर भी न करें ये 5 काम, वरना महादेव हो सकते हैं नाराज
अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है
