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नाग पंचमी पर नाग देवता को प्रसन्न करने के लिए करें यह पूजा? पढ़ें पूरी विधि

Published: Thu, 13 Aug 2026 06:09 PM (IST)

नाग पंचमी 17 अगस्त 2026 पर नाग देवता को प्रसन्न करने के लिए करें ये खास पूजा। घर पर ही थोड़ी सी सामग्री के साथ हो जाएगी यह पूजा समपन्‍न

नाग पंचमी पर ऐसे करें नाग देवता की पूजा । (Picture Credit- AI Generated)

नाग पंचमी पर ऐसे करें नाग देवता की पूजा । (Picture Credit- AI Generated)

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धर्म डेस्क, नई दिल्ली। सावन का पूरा महीना भगवान शिव और उनसे जुड़ी चीजों और देवी-देवताओं को समर्पित है। सावन के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को नाग पंचमी का त्योहार मनाया जाता है। यह नागों का पर्व है, इस दिन भगवान शिव के गले के हार कहे जाने वाले नाग देवता की पूजा की जाती है।

आमतौर पर देखा गया है कि इस दिन लोग मंदिरों में बैठे सपेरों को पैसे देकर नाग को दूध पिलाते हैं और इसी को पूजा मान लेते हैं, मगर शास्‍त्रों में बताया गया है कि नाग पंचमी के दिन 12 नागों की पूजा करनी चाहिए। इन नागों में अनंत, वासुकी, शेष, पद्म, कंबल, कर्कोटक, अश्वतर, धृतराष्ट्र, शंखपाल, कालिया, तक्षक और पिंगल की पूजा की जाती है।

इन सब की पूजा के लिए आपको असली के नाग की आवश्यकता नहीं है, आप इनकी मानसिक छवियां बनाकर घर पर ही इनकी पूजा कर सकते हैं।चलिए हम आपको नाग पूजन की सरल विधि के बारे में बताते हैं।

नाग पूजा की विधि

  • सबसे पहले नाग पंचमी वाले दिन सुबह उठकर स्‍नान करें और साफ कपड़े धारण करें। इसके बाद आपको घर के ही मंदिर में नाग देवता की स्थापना करनी है।
  • यदि आपके पास ऊपर बताए गए 12 नागों का चित्र है, तो एक लकड़ी के पाटे पर उसे स्‍थापित करना सबसे उत्‍तम हो सकता है। वहीं अगर आपके पास चित्र नहीं है, तो आप मिट्टी से नाग की प्रतिमा स्वयं ही बनाकर उसकी पूजा कर सकते हैं।
  • यदि आप चित्र है तो एक ही 12 नागों को चंदन का तिलक और अक्षत अर्पित करें और यदि आप मिट्टी की प्रतिमा बना रहे हैं, तो उसी प्रतिमा को 12 बार तिलक अर्पित करें।
  • इसके बाद नाग देवता को सुगंधित फूल अर्पित करें और अच्‍छा इत्र लगाएं। इसके बाद धूप और दीपक करें।
  • अब आपको नाग देवता को भोग अर्पित करना है। इसके लिए मीठा दूध और लावा के साथ गुड़ का भोग लगाएं।
  • सबसे आखिर में नाग मंत्र 'प्रीयन्तां मे ये केचित् पृथ्वीतले. ये च हेलिमरीचिस्था येऽन्तरे दिवि संस्थिताः. ये नदीषु महानागा ये सरस्वतिगामिनः. ये च वापीतडगेषु तेषु सर्वेषु वै नमः' का जाप करें और फिर नाग देवता का ध्‍यान करें।

मंदिर में करें नाग दर्शन

शास्‍त्रों में साफ लिखा है कि बेजुबान जीवों को तंग करना पाप होता है, इसलिए असल के नाग को दूध पिलाने या फिर उन्‍हें किसी टोकरी में बंद रखकर उनकी पूजा न करें। यदि आप घर में नाग देवता की पूजा नहीं कर पा रहे हैं, तो मंदिर जाकर नाग का प्रत्‍यक्ष रूप से दर्शन करना भी उत्‍तम माना जाता है।

अतःनागपंचमी के दिन नाग का स्मरण करने और उन्हेंबार-बार नमन करना चाहिए

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अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है