मंदिर में भोग लगाते समय न करें ये गलतियां, जानें भगवान को भोजन अर्पित करने का सही तरीका
हिंदू धर्म में देवी-देवताओं को भोग अर्पित करते समय कुछ नियमों का पालन करना महत्वपूर्ण है। शुद्ध मन, सात्विक भोजन ...और पढ़ें

भगवान को भोग लगाने की सही विधि। (Picture Credit- AI Generated)
HighLights
भोग लगाने से पहले साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें।
देवी-देवताओं को हमेशा सात्विक और शुद्ध भोजन अर्पित करें।
भोग अर्पित करते समय घंटी बजाना शुभ माना जाता है।
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। हिंदू धर्म में पूजा-पाठ के दौरान देवी-देवताओं को भोग अर्पित करना शुभ माना जाता है। घरों में सुबह और शाम पूजा की जाती है और उसी के साथ भगवान को भोग अर्पित किया जाता है। माना जाता है कि भगवान की पूजा के बाद उन्हें प्रेम और श्रद्धा से भोजन अर्पित करने से मन को शांति मिलती है और घर में सकारात्मक वातावरण बना रहता है।
हालांकि, कई बार लोग भोग लगाते वक्त बहुत ज्यादा लापरवाही करते हैं। जबकि भोग लगाते समय कुछ नियमों का ध्यान रखना भी जरूरी होता है। सबसे महत्वपूर्ण बात तो यह है कि भोग शुद्ध मन और श्रद्धा से अर्पित किया जाना चाहिए। इसके साथ ही कुछ बातों पर और ध्यान देना चाहिए।
भोग लगाने से पहले साफ सफाई का रखें ध्यान
माना जाता है कि भगवान को भोग लगाने से पहले स्वयं साफ सुथरा कर लेना चाहिए। स्नान करने के बाद ही पूजा और भोग से जुड़े कार्य करने चाहिए। जिस स्थान पर भगवान को भोग लगाया जा रहा है, उसे भी साफ और पवित्र रखना चाहिए। इतना ही नहीं, भगवान को भोग लगाने वाले बर्तन भी साफ होने चाहिए और भोग बनाते समय भी साफ-सफाई और शुद्धता का ध्यान रखना जरूरी है। साथ ही, भोजन बनाते समय मन में अच्छे विचार रखें और उसे प्रेम से उसे तैयार करें।
भगवान को सात्विक भोजन का लगाएं भोग
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, देवी-देवताओं को सात्विक भोजन का भोग लगाना चाहिए। फल, मिठाई, दूध, खीर, हलवा और घर में शुद्ध तरीके से बनाया गया भोजन भोग के रूप में अर्पित किया जा सकता है।
भोग में वही भोजन भगवान को रखना चाहिए, जिसे आप स्वयं भी ग्रहण कर सकें। भोजन ताजा और साफ होना चाहिए।
भोग के बर्तन
मान्यताओं के अनुसार, भगवान को जिन बर्तनों में आप भोग लगा रहे हैं, वो उन्हीं के होने चाहिए। आप अपनी श्रद्धा और धन के अनुसार भगवान के लिए सोने, चांदी, पीतल आदि के बर्तन खरीद सकते हैं। प्लास्टिक के बर्तनों में भगवान जी को भोग कभी भी नहीं लगाना चाहिए।
भोग का प्रसाद जरूर ग्रहण करें
भगवान को अर्पित किया गया भोजन प्रसाद बन जाता है। इसलिए भोग लगाने के बाद उसे परिवार के सदस्यों के साथ प्रसाद के रूप में ग्रहण करना शुभ माना जाता है। इससे भक्त भगवान के प्रति अपनी श्रद्धा और आभार व्यक्त करते हैं।
भोग उठाते समय बजाएं घंटी
भगवान को भोग लगाते वक्त बहुत लोगों को नहीं पता कि घंटी बजानी चाहिए। इसका धार्मिक महत्व यह है कि भोजन को भगवान के आगे रखने के बाद उन्हें घंटी बजाकर बताना भी होता है कि उनका भोग तैयार है। घंटी नहीं है तो आप ताली बजाकर भी उन्हें इसकी सूचना दे सकते हैं बजानी चाहिए।
अतः भोग लगाते समय भगवान भोजन से अधिक भक्त की भावना और समर्पण को महत्व देते हैं। तो जब भी आप भगवान को भोग लगाएं, मन को शांत और खुश रखें।
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