खुली आंखों से मंत्र जाप करना बेहतर है या बंद आंखों से? शास्त्रों में कौन सा तरीका माना गया है ज्यादा फलदायी
हिंदू धर्म में मंत्र जाप को मन की शांति और एकाग्रता का साधन माना गया है। क्या आंखें खोलकर जाप ...और पढ़ें

मंत्र जाप करने के नियम। (Picture Credit- AI Generated)
HighLights
बंद आंखों से जाप एकाग्रता बढ़ाता, बाहरी भटकाव कम करता है।
खुली आंखों से जाप पूजा-पाठ में, नींद आने पर बेहतर।
मन का भाव और एकाग्रता मंत्र जाप में सबसे महत्वपूर्ण।
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। हिंदू धर्म में मंत्र जाप को मन की शांति, एकाग्रता और ईश्वर से जुड़ने का महत्वपूर्ण साधन माना गया है। मगर मंत्र जाप करते वक्त अक्सर लोगों के मन में सवाल उठता है कि मंत्र जाप करते समय आंखें खुली रखनी चाहिए या बंद? क्या बंद आंखों से मंत्र जाप करने पर अधिक फल मिलता है? इस विषय पर उज्जैन के पंडित एवं ज्योतिषाचार्य श्री मनीष शर्मा बताते हैं, 'मंत्र जाप में एकाग्रता और मन की स्थिरता का विशेष महत्व है। इसलिए आंखें खोलकर और बंद करके, दोनों तरह से जाप किया जा सकता है।'
बंद आंखों से मंत्र जाप करने के फायदे
साधना में आंखें बंद करके मंत्र जाप करना एकाग्रता बढ़ाने का सबसे अच्छा तरीका माना जाता है। जब व्यक्ति अपनी आंखें बंद करता है, तो बाहरी दृश्य उसके ध्यान को कम भटकाते हैं। इससे मन को मंत्र के उच्चारण और उसके अर्थ पर केंद्रित करना आसान हो जाता है।
बंद आंखों से जाप करते समय व्यक्ति अपने इष्ट देव का ध्यान कर सकता है और मन ही मन उनके स्वरूप का स्मरण कर सकता है। इससे ध्यान और भक्ति की भावना गहरी हो जाती है। इसका नियमित अभ्यास करने से मानसिक शांति मिलती है।
पंडित मनीष शर्मा कहते हैं, " आंखे बंद करके मंत्र जाप करने से कोई विशेष ऊर्जा प्राप्त नहीं होती है। हां, इससे साधना और ध्यान लगाने में आसानी होती है।"
खुली आंखों से मंत्र जाप कब करना चाहिए?
खुली आंखों से मंत्र जाप करना भी धार्मिक रूप से गलत नहीं माना गया है। पूजा-पाठ, हवन और मंदिर में दर्शन के दौरान व्यक्ति देवी-देवताओं की मूर्ति या तस्वीर को देखते हुए ही मंत्रों का जाप करता है।
इस प्रकार के जाप में भगवान के स्वरूप पर दृष्टि टिकाकर रखना ही बस थोड़ा कठिन होता है, मगर जो भक्त पूरी दृढ़ता के साथ साधना करता है, उसके लिए यह भी कठिन नहीं होता है। पंडित मनीष शर्मा कहते हैं, "यदि आंखें बंद करने पर नींद आती है या मन अधिक भटकता है, तो खुली आंखों से जाप करना बेहतर विकल्प है।"
अत: मंत्र जाप के दौरान आंखों की स्थिति से अधिक महत्वपूर्ण है मन का भाव। जिस तरीके से आपका मन शांत रहता है और भगवान से आप जुड़ पाते हैं, उस तरीके से आपकेा मंत्रो का जाप करना चाहिए।
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