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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 11, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Magh Purnima 2025: माघी पूर्णिमा पर कर लिए ये काम, तो पितृ दोष से मिल जाएगी राहत

Published: Tue, 11 Feb 2025 05:33 PM (IST)

इस बार माघ माह में आने वाली पूर्णिमा तिथि को बहुत ही खास माना जा रहा है क्योंकि इस दिन ...और पढ़ें

Magh Purnima 2025 पूर्णिमा पर पितृ दोष से मुक्ति के उपाय।
Magh Purnima 2025 पूर्णिमा पर पितृ दोष से मुक्ति के उपाय।

HighLights

  1. पितृ दोष से मुक्ति के लिए उत्तम है पूर्णिमा तिथि।
  2. बुधवार, 12 फरवरी को मनाई जाएगी माघी पूर्णिमा।
  3. इस दिन महाकुंभ में किया जाएगा पांचवा अमृत स्नान।

धर्म डेस्क, नई दिल्ली। माना जाता है कि पितृ दोष लगने पर व्यक्ति को अपने जीवन में कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता है। वहीं पूर्णिमा को पितृ दोष (Pitra Dosh Upay) से मुक्ति पाने के लिए एक उत्तम तिथि माना है। तो चलिए जानते हैं कि 12 फरवरी को मनाई जा रही माघी पूर्णिमा पर आप पितृ दोष से राहत पाने के लिए कौन-से उपाय कर सकते हैं।

कौन-सी है पितरों की दिशा

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, दक्षिण दिशा को पितरों की दिशा माना जाता है। ऐसे में पूर्णिमा के दिन पितरों को याद करते हुए इस दिशा में सरसों के तेल का दीपक जलाएं। इसी के साथ मिट्टी के दीपक में तेल डालकर बाती जलाएं और छत पर दक्षिण दिशा में रख दें। इसके साथ ही पितरों का ध्यान करते हुए अपनी गलतियों के लिए क्षमा याचना करें। इन उपायों को करने से पितृ दोष से छुटकारा पाया जा सकता है। 

मिलेगी पितृ दोष से निजात

पीपल के पेड़ में भी पितरों का वास माना गया है। ऐसे में आप पूर्णिमा के दिन पीपल के पेड़ में जल चढ़ा सकते हैं। जल चढ़ाने के बाद पेड़ की सात बार परिक्रमा करें। इसी के साथ पीपल के वृक्ष के नीचे सरसों का तेल में काले तिल डालकर दीप जलाएं और छायादान करें। इससे आपको पितृ दोष से राहत मिल सकती है। 

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(Picture Credit: Freepik) (AI Image)

पितरों की कृपा प्राप्ति के मंत्र -

ॐ श्री पितराय नमः

ॐ श्री पितृदेवाय नमः

ॐ श्री पितृभ्यः नमः

ॐ श्री सर्व पितृ देवताभ्यो नमो नमः

ॐ पितृभ्यः स्वधायिभ्यः पितृगणाय च नमः

ॐ श्राध्दाय स्वधा नमः

ॐ नमः शिवाय

ॐ श्रीं सर्व पितृ दोष निवारणाय क्लेशं हं हं सुख शांतिम् देहि फट् स्वाहा

ॐ पितृदेवताभ्यो नमः

ॐ पितृ गणाय विद्महे जगत धारिणे धीमहि तन्नो पित्रो प्रचोदयात्

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अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।