विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

कार्तिक माह में व्रत रखने वाले सावधान, भूलकर भी न करें ये 5 गलतियां, वरना बेकार जा सकता है पूजा-पाठ

Published: Mon, 26 Oct 2026 11:25 AM (IST)

कार्तिक माह में भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा-अर्चना का विशेष महत्व है। इस पवित्र माह में व्रत, स्नान ...और पढ़ें

कब से शुरू होगा कार्तिक माह? (Picture Credit: AI Generated)

कब से शुरू होगा कार्तिक माह? (Picture Credit: AI Generated)

timer icon

समय कम है?

जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

संक्षेप में पढ़ें

धर्म डेस्क, नई दिल्ली। शरद पूर्णिमा के ठीक अगले दिन से कार्तिक माह (Kartik Month 2026) की शुरुआत होती है। यह महीना हिंदू कैलेंडर का आठवां और चातुर्मास का अंतिम महीना होता है। इस पवित्र माह में भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा-अर्चना और व्रत करने का विशेष महत्व है।

धार्मिक मान्यता के अनुसार, प्रभु की साधना करने से सुख-समृद्धि में अपार वृद्धि होती है। साथ ही जीवन में सफलता के मार्ग खुलते हैं। कार्तिक में स्नान और व्रत का अधिक महत्व है। इससे सभी संकटों से छुटकारा मिलता है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस माह में व्रत रखना क्यों जरूरी है? आइए जानते हैं व्रत के महत्व और इस माह में क्या करें और क्या न करें।

कब से शुरू होगा कार्तिक माह?

वैदिक पंचांग के अनुसार, इस बार कार्तिक माह 27 अक्टूबर से शुरू होगा। वहीं, इसका समापन 24 नवंबर को होगा।

kartik month  (1)

 (Picture Credit: AI Generated)

कार्तिक माह में व्रत का महत्व

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जो साधक इस महीने में सच्चे मन से व्रत करता है और जगत के पालनहार भगवान विष्णु की पूजा-अर्चना करता है, तो उसे सभी पापों से छुटकारा मिलता है और शुभ परिणाम मिलते हैं।
इसके अलावा कार्तिक माह में व्रत करने से मन से बुरे विचार दूर होते हैं और आध्यात्मिक उन्नति होती है। इसलिए इस माह में व्रत करना बेहद खास माना जाता है। अगर कोई व्यक्ति कार्तिक के पूरे माह में व्रत नहीं रख सकता है, तो वह इस पवित्र माह में स्नान और दीपदान कर सकता है।

पवित्र नदी में स्नान क्यों है जरूरी

कार्तिक माह में पवित्र नदी में स्नान और दीपदान करने का अधिक महत्व है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस माह में रोजाना ब्रह्म मुहूर्त में पवित्र नदी में स्नान करने से साधक के सभी पाप धुल जाते हैं और भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त होती है। साथ ही मानसिक शांति मिलती है।

kartik month

(Picture Credit: AI Generated)

कार्तिक माह में क्या करें

  • इस माह में रोजाना सुबह और शाम को तुलसी के पास और घर के मुख्य द्वार पर दीपक जलाना चाहिए।
  • इसके अलावा ब्रह्म मुहूर्त में स्नान करना चाहिए। इसके बाद नदी में दीपदान करें।
  • ब्रह्मचर्य का पालन करें और सात्विक भोजन का सेवन करें।
  • कार्तिक माह में मंदिर या गरीब लोगों में अन्न-धन आदि का दान करना चाहिए।
  • 'ओम नमो भगवते वासुदेवाय' मंत्र का जाप और विष्णु सहस्रनाम का नियमित पाठ करें।

कार्तिक माह में क्या न करें

  • कार्तिक माह में मांस, मदिरा, लहसुन और प्याज का सेवन भूलकर भी नहीं करना चाहिए।
  • किसी से वाद-विवाद न करें और किसी के बारे में गलत न सोचें।
  • घर के बड़े-बुजुर्गों और महिलाओं का अपमान न करें।
  • रविवार के दिन तुलसी के पौधे को स्पर्श नहीं करना चाहिए और जल देने की भी सख्त मनाही है।

यह भी पढ़ें- दीवाली, गोवर्धन पूजा और भाई दूज कब है? यहां देखें 5 दिनों के दीपोत्सव का पूरा कैलेंडर और शुभ मुहूर्त

अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण अंधविश्वास के खिलाफ है।