भय और संकट से मुक्ति के लिए कालाष्टमी व्रत: इन बातों का रखें खास ख्याल, मिलेगी काल भैरव की कृपा
कालाष्टमी व्रत के दौरान क्या करना चाहिए और किन गलतियों से बचना चाहिए? आइए यहां जानते हैं।

Kalashtami Vrat Dos and Donts: भगवान भैरव को प्रसन्न करने के नियम। Ai Generated Image

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। हिंदू पंचांग के अनुसार, प्रत्येक माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को कालाष्टमी मनाई जाती है। यह दिन भगवान शिव के रौद्र रूप 'काल भैरव' को समर्पित है। काल भैरव को तंत्र-मंत्र का और संकटों का नाश करने वाला माना जाता है। ऐसी मान्यता है कि जो भक्त कालाष्टमी के दिन पूरी भक्ति के साथ व्रत रखते हैं, उनके जीवन से अकाल मृत्यु का भय, नकारात्मक शक्तियां और सभी प्रकार के कष्ट दूर हो जाते हैं।

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कालाष्टमी व्रत में क्या करें?
- व्रत के दिन सूर्योदय से पहले उठकर स्नान करें और काले या गहरे रंग के वस्त्र धारण करें।
- भगवान भैरव की मूर्ति के सामने सरसों के तेल का दीपक जलाएं।
- उन्हें नीले फूल और काले तिल अर्पित करें।
- इस दिन श्री काल भैरव अष्टकम या भैरव चालीसा का पाठ करना बहुत फलदायी होता है।
- काला कुत्ता भगवान भैरव का वाहन माना जाता है। इस दिन काले कुत्ते को मीठी रोटी या गुड़ खिलाने से भैरव बाबा बहुत खुश होते हैं।
- शाम के समय इस दिन किसी मंदिर या पीपल के पेड़ के नीचे दीप दान जरूर करें।
भूलकर भी न करें ये गलतियां
- कालाष्टमी के दिन झूठ बोलने से बचना चाहिए, वरना व्रत का फल कम हो जाता है।
- इस दिन किसी भी जीव को कष्ट न पहुंचाएं और न ही किसी पर गुस्सा करें।
- व्रत के दौरान मांस, मदिरा, लहसुन और प्याज का पूरी तरह त्याग करें।
- घर के बुजुर्गों या किसी जरूरतमंद का अनादर न करें।
व्रत के चमत्कारी लाभ
- धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन विधि-विधान से व्रत रखने से अनजाने में किए गए पापों से मुक्ति मिलती है।
- इस पावन तिथि पर मंत्र जाप और पूजा करने से घर और मन की नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है।
- उपवास रखने से मन शांत होता है, जिससे मानसिक तनाव कम होता है।
- इस दिन व्रत रखने से कुंडली में कमजोर ग्रहों की स्थिति मजबूत होती है और परिवार में खुशहाली आती हैं।
पूजा मंत्र
- ॐ कालभैरवाय नमः।।
- ॐ ह्रीं बटुकाय आपदुद्धारणाय कुरु कुरु बटुकाय ह्रीं।।
- ॐ कालकालाय विद्महे, कालतीताय धीमहि, तन्नो भैरव प्रचोदयात्।।
अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण अंधविश्वास के खिलाफ है।