विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

गरुड़ पुराण: चिता में सब राख हो जाता है, पर ये 5 चीजें अगले जन्म तक आत्मा का पीछा नहीं छोड़तीं

Published: Wed, 07 Oct 2026 02:15 PM (IST)

गरुड़ पुराण के अनुसार, मृत्यु के बाद भी आत्मा के साथ पांच चीजें जुड़ी रहती हैं, जो उसे अगले जन्म ...और पढ़ें

मृत्यु के बाद आत्मा के साथ जाने वाली चीजें

मृत्यु के बाद आत्मा के साथ जाने वाली चीजें

timer icon

समय कम है?

जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

संक्षेप में पढ़ें

धर्म डेस्क, नई दिल्ली। मौत को लेकर अक्सर कहा जाता है कि, मरने के बाद व्यक्ति कुछ भी अपने साथ ऊपर नहीं ले जाता है, लेकिन हिंदू वेद, पुराण, धर्मशास्त्र और दर्शन इसे पूरा सच नहीं मानते हैं।

गरुड़ पुराण के अनुसार, चिता पर जलने के बाद शरीर भले ही स्वाहा हो जाता है, लेकिन 5 चीजें ऐसी भी हैं, जो आत्मा का साथ कभी नहीं छोड़ती है। माना जाता है कि सही समय आने पर आत्मा के साथ ये 5 चीजें फिर से नए शरीर में प्रवेश कर जाती है।

मोह और वासना

गरुड़ पुराण के मुताबिक, मौत के समय मन में जो इच्छाएं और वासनाएं रह जाती हैं, वे आत्मा के साथ बरकरार रहती हैं। हिंदू दर्शन में माना गया है कि, अधूरी इच्छाएं आत्मा को पुनर्जन्म की ओर ले जाती है। इसलिए मोह-माया में अधिक आसक्ति से बचने की बात पर जोर दिया जाता है।

कर्ज

गरुड़ पुराण के अनुसार, कर्ज मृत्यु के बाद भी पीछा नहीं छोड़ती है। अगर व्यक्ति बिना कर्ज चुकाए मर जाता है, तो उसे अगले जन्म में भी कर्ज की समस्या का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए जीवन में लिए गए कर्ज को समय पर चुकाने की सलाह दी जाती है।

पुण्य

गरुड़ पुराण के मुताबिक, जो व्यक्ति दान और परोपकार करता है, उसका पुण्य कभी भी व्यर्थ नहीं जाता है। मरने के बाद यमलोक में व्यक्ति द्वारा किए गए अच्छे-बुरे कर्मों का हिसाब किया जाता है।

इसलिए अपने जीवन में जितना हो सके दान, सेवा और दूसरों की मदद करें। हिंदू मान्यताओं के मुताबिक, साल के कुछ खास दिनों में जैसे कार्तिक पूर्णिमा, गंगा दशहरा, मकर संक्रांति, माघ पूर्णिमा और अक्षय तृतीया के मौके पर दान पुण्य कई जन्मों तक व्यक्ति का साथ निभाता है।

कर्म

गरुड़ पुराण के अनुसार कर्म का संबंध मृत्यु और जन्म दोनों से है। मरने के बाद अच्छे और बुरे कर्मों के आधार पर ही आत्मा को शुभ-अशुभ परिणाम प्राप्त होते हैं। इसलिए व्यक्ति को अपने जीवन में अच्छे कर्म करने चाहिए, क्योंकि यह आपका पीछा मरने के बाद भी नहीं छोड़ते हैं।

महाभारत में कर्म का सबसे अच्छा उदाहरण देखने को मिलता है। बाणों की शैय्या पर लेटे हुए भीष्म पीतामह ने जब भगवान श्रीकृष्ण से पूछा था कि मुझे ऐसी मृत्यु क्यों मिली, तो श्रीकृष्ण ने उन्हें 7 जन्म पहले की घटना याद दिलाते हुए कहा कि, तुमने 7 जन्म पहले एक अधमरे सांप को उठाकर नागफनी के कांटों पर फेंक दिया था।

ज्ञान

व्यक्ति अपने जीवन में जो भी ज्ञान और गुण सीखता है, वह हमेशा उसका साथ निभाते हैं। इसीलिए अपना अधिकतर समय अच्छा ज्ञान और कुशल गुण सीखने में लगाना चाहिए।

यह भी पढ़ें- क्या पितृ पक्ष के दौरान मृत्यु होने पर मोक्ष मिलता है? गरुड़ पुराण के इस रहस्य को जरूर समझें

यह भी पढ़ें- क्या आप जानते हैं मृत्यु के बाद पैरों के अंगूठे क्यों बांधे जाते हैं? गरुड़ पुराण में छिपा है इसका गहरा रहस्य

अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण अंधविश्वास के खिलाफ है।