Ganesh Visarjan 2026 : 5 दिन के लिए स्थापित किए हैं 'गणपति', तो कल इस शुभ मुहूर्त में करें बप्पा को विदा
18 सितंबर 2026 को 5 दिन के गणपति विसर्जन का शुभ मुहूर्त और महत्व बताया गया है। जिन भक्तों ने ...और पढ़ें

गणेश विसर्जन 2026 । (Picture Credit- AI Generated)

समय कम है?
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धर्म डेस्क, नई दिल्ली। 18 सितंबर 2026 को गणेश उत्सव शुरू हुए 5 दिन बीत जाएंगे। जिन लोगों ने गणेश चतुर्थी के दिन घर में श्री गणेश जी की स्थापना की थी और 5वें दिन गणपति विसर्जन का संकल्प लिया था, वो लोग शुक्रवार के दिन घर में विधि-विधान से गणपति बप्पा को विदाई दे सकते हैं। आइए एस्ट्रोपत्री के ज्योतिषाचार्य श्री चंद्रेश शर्मा से जानते हैं पांचवें दिन गणेश विसर्जन का शुभ मुहूर्त और महत्व क्या है।
पांचवें दिन गणेश विसर्जन का शुभ समय
गणपति बप्पा का पांचवें दिन विसर्जन करने वाले भक्त 18 सितंबर 2026 को इन शुभ मुहूर्तों में विसर्जन कर सकते हैं।
- सुबह 6:11 से 10:45 बजे तक -चर, लाभ और अमृत
- दोपहर 12:17 से 1:48 बजे तक-शुभ
- शाम 4:51 से 6:22 बजे तक -चर
- रात 9:19 से 10:48 बजे तक -लाभ
इनमें से अपनी सुविधा के अनुसार किसी शुभ समय में गणपति विसर्जन किया जा सकता है।
गणेश विसर्जन का क्या है महत्व?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, गणपति विसर्जन हमें यह संदेश देता है कि इस संसार में हर चीज अस्थायी है। जिस तरह मिट्टी से बनी गणेश प्रतिमा वापस जल में विलीन हो जाती है, उसी तरह जीवन में किसी भी चीज से अत्यधिक मोह नहीं रखना चाहिए। पांचवें दिन विसर्जन करने की परंपरा भी इसी श्रद्धा और भावना से जुड़ी है। भक्त इन पांच दिनों में बप्पा की पूजा करते हैं, उन्हें भोग लगाते हैं और परिवार की सुख-शांति की प्रार्थना करते हैं।
गणेश विसर्जन से जुड़े नियम
गणपति विसर्जन से पहले घर में विधि-विधान से बप्पा की पूजा करें। गणेश जी को फूल, दूर्वा, फल और अपनी श्रद्धा के अनुसार भोग अर्पित करें। इसके बाद गणपति की आरती करें और परिवार के सभी सदस्य उनका आशीर्वाद लें। विसर्जन से पहले बप्पा से जाने-अनजाने में हुई किसी भी भूल के लिए क्षमा मांगना शुभ माना जाता है। इसके बाद गणेश जी की प्रतिमा को सम्मानपूर्वक विसर्जन स्थल तक ले जाएं और पूरे प्रेम भाव से और यह कामना करते हुए कि बप्पा अगले बरस फिर आएंगे, उनका विसर्जन कर दें।
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