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हाथ-पैर धोए बिना भोजन किया तो पड़ेगा पछताना, जान लें 3 बड़े नुकसान वरना सेहत और बरकत दोनों पर लगेगा ग्रहण

Published: Thu, 24 Sep 2026 04:18 PM (IST)

स्कंद पुराण के अनुसार, भोजन से पहले हाथ-पैर धोना अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि ऐसा न करने पर सेहत, बरकत और आध्यात्मिक शुद्धता पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।

भोजन से जुड़े जरूरी नियम

भोजन से जुड़े जरूरी नियम

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धर्म डेस्क, नई दिल्ली। हिंदू धर्म में हर कर्म से जुड़ी एक धार्मिक आस्था है। भोजन बनाने से लेकर करने तक से कोई न कोई धार्मिक परंपरा जुड़ी हुई है। हिंदू धर्म में भोजन को केवल पेट भरने का साधन नहीं, बल्कि जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा माना गया है। स्कंद पुराण में तो भोजन करने के कुछ अनिवार्य नियम भी बताए गए हैं। इन नियमों में सबसे ज्यादा जरूरी है साफ-सफाई।

स्कंद पुराण के प्रभास खंड में इस बात का साफ-साफ जिक्र मिलता है कि भोजन को हाथ लगाने से पहले शरीर का साफ होना बहुत जरूरी होता है। खासतौर पर भोजन करने से पहले हाथ और पैर दोनों को धोना करना चाहिए। पुराण में एक श्लोक में बिना पैर धोए भोजन करने के प्रभाव और भोजन के समय कुछ विशेष प्रकार के आचरण से बचने की भी बात कही गई है।

क्‍या है श्‍लोक?

श्लोक है-

“अप्रक्षालितपादस्तु यो भुङ्क्ते दक्षिणामुखः।

यो वेष्टितशिरा भुङ्क्ते प्रेता भुञ्जन्ति नित्यशः।।“

(स्कंद पुराण, प्रभास खंड, 216/41)

अर्थ- यह श्लोक बताता है कि जो व्यक्ति बिना पैर धोए, दक्षिण दिशा की ओर मुंह करके या सिर को कपड़े से ढककर भोजन करता है, उसके भोजन को वह नहीं बल्कि प्रेत ग्रहण करते हैं।

भोजन से पहले हाथ और पैर न धोने के परिणाम

भोजन के अशुद्ध होने से नकारात्मक प्रभाव

सनातन परंपरा में अन्न को बहुत ज्‍यादा पवित्र माना गया है। इसलिए भोजन को ग्रहण करने से पहले शरीर और मन की शुद्धता बहुत जरूरी होती है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, अशुद्ध अवस्था में भोजन करने से अन्न की पवित्रता भंग होती है, जिससे नकारात्मक शक्तियों को बल मिलता है। ऐसा माना जाता है कि भोजन करते समय स्वच्छता और शांत मन माहौल को सकारात्‍मक बनाता है।

आयु जुड़ी मान्‍यता

शरीर की स्वच्छता को अच्छे स्वास्थ्य और लंबी आयु से भी जोड़ कर देखा जाता है। भोजन से पहले हाथ-पैर और मुंह धोना इस मान्यता का हिस्‍सा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, साफ-सफाई के साथ भोजन करने से शरीर में शुद्धता बनी रहती है। इसके विपरीत गंदे हाथों से भोजन करने की आदत को स्वास्थ्य के लिए उचित नहीं माना गया है। इससे शरीर में संक्रमण का प्रवेश होता है, जिसका सीधा असर आपके जीवन पर पड़ता है।

दरिद्रता और माता लक्ष्मी से जुड़ी मान्यता

हिंदू धर्म में अन्न को 'अन्नब्रह्म' कहा गया है। वहीं दूसरी तरफ भोजन को देवी अन्नपूर्णा से जोड़ा जाता है। इसलिए अन्न का सम्मान करना धार्मिक परंपरा का हिस्‍सा है। मान्यता है कि भोजन का अनादर करने या अशुद्ध तरीके से भोजन ग्रहण करने से घर की सुख-समृद्धि प्रभावित होती है। ऐसा भी कहा जाता है कि बिना हाथ और पैर को धोए भोजन करने से देवी लक्ष्‍मी रूठ जाती हैं और जीवन में दरिद्रता आती है।

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अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।