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20 अक्टूबर को कब करें दुर्गा विसर्जन? शुभ मुहूर्त से लेकर पूजा विधि तक जानिए सबकुछ

Published: Mon, 19 Oct 2026 07:00 PM (IST)

शारदीय नवरात्र के बाद मां दुर्गा की विदाई दशमी तिथि पर दुर्गा विसर्जन के रूप में की जाती है। जानिए ...और पढ़ें

कैसे करें दुर्गा विसर्जन? (Picture Credit: AI Generated)

कैसे करें दुर्गा विसर्जन? (Picture Credit: AI Generated)

HighLights

  1. दुर्गा विसर्जन 2026 की तिथि 20 अक्टूबर है।

  2. शुभ मुहूर्त दोपहर 01:25 से 03:43 तक रहेगा।

  3. मां दुर्गा की विदाई से सुख-समृद्धि मिलती है।

धर्म डेस्क, नई दिल्ली। धार्मिक मान्यता के अनुसार, शारदीय नवरात्र में मां दुर्गा का आगमन धरती पर होता है और आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि पर उनकी विदाई करने का विधान है। मां दुर्गा की विदाई करने से साधक को शुभ परिणाम मिलते हैं और देवी सुख-समृद्धि का आशीर्वाद प्रदान करती हैं। इस दिन को दुर्गा विसर्जन के रूप में मनाया जाता है। ऐसे में आइए जानते हैं कि दुर्गा विसर्जन (Durga Visarjan 2026) कब किया जाएगा और इसका शुभ मुहूर्त क्या है।

दुर्गा विसर्जन 2026 डेट और टाइम (Durga Visarjan 2026 Date and Time)

आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि की शुरुआत- 20 अक्टूबर को दोपहर 12 बजकर 50 मिनट पर
आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि का समापन- 21 अक्टूबर को दोपहर 02 बजकर 11 मिनट पर

दुर्गा विसर्जन 2026 शुभ मुहूर्त (Durga Visarjan 2026 Shubh Muhurat)

दुर्गा विसर्जन मुहूर्त- 20 अक्टूबर को दोपहर 01 बजकर 25 मिनट से दोपहर 03 बजकर 43 मिनट तक
श्रवण नक्षत्र प्रारंभ- 19 अक्टूबर को 03 बजकर 38 मिनट से
श्रवण नक्षत्र समाप्त- 20 अक्टूबर को 06 बजकर 02 मिनट तक

अन्य शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त- सुबह 04 बजकर 51 मिनट से 05 बजकर 41 मिनट तक
विजय मुहूर्त- दोपहर 02 बजकर 11 मिनट से 02 बजकर 57 मिनट तक
गोधूलि मुहूर्त- शाम 06 बजे से 06 बजकर 25 मिनट तक
निशिता मुहूर्त- रात्रि 11 बजकर 51 मिनट से 12 बजकर 41 मिनट तक

दुर्गा विसर्जन विधि

  • सुबह जल्दी स्नान करके साफ वस्त्र पहनें।
  • अब देवी को स्नान कराएं और वस्त्र अर्पित करें।
  • इसके बाद उन्हें फूल, कुमकुम, अक्षत और फल अर्पित करें।
  • देसी घी का दीपक जलाकर पूरे परिवार के साथ माता की आरती करें।
  • फल और मिठाई आदि का भोग लगाएं।
  • हाथ में फूल और चावल लेकर माता से प्रार्थना करें।
  • पूजा-आराधना में अनजाने में हुई किसी भी गलती या भूल-चूक के लिए सच्चे मन से क्षमा मांगें।
  • अगर आपने घर में देवी की प्रतिमा स्थापित की है, तो उसे विसर्जन के लिए पवित्र नदी तक लेकर जाएं।
  • सच्चे मन से देवी का ध्यान करते हुए मां दुर्गा का विसर्जन करें।

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अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण अंधविश्वास के खिलाफ है।