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दीवाली की रात में क्यों पारा जाता है काजल, क्या है इसका महत्व, जानें दीपक की लौ से काजल बनाने की विधि

Published: Sun, 08 Nov 2026 12:00 PM (GMT+05:30)

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दीवाली पर काजल बनाने की परंपरा । (Picture Credit- AI Generated)

दीवाली पर काजल बनाने की परंपरा । (Picture Credit- AI Generated)

HighLights

  1. दीपक की लौ से काजल बनाने की विशेष परंपरा।

  2. बुरी नजर और नकारात्मक ऊर्जा से बचाव होता है।

  3. मां लक्ष्मी के आशीर्वाद से धन-धान्य में वृद्धि।

धर्म डेस्क, नई दिल्ली। दीवाली का त्योहार रोशनी, खुशियों और समृद्धि का प्रतीक है। इस दिन लोग मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा करते हैं और घरों को दीपों से सजाते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि दीवाली की रात दीपक की लौ से काजल बनाने की भी एक खास परंपरा है? कई घरों में पूजा के बाद दीपक से काजल तैयार किया जाता है। इसे आंखों में लगाने के साथ-साथ घर के दरवाजे, तिजोरी और चूल्हे पर भी लगाया जाता है। आइए जानते हैं इस परंपरा के पीछे की मान्यताएं और इसका महत्व।

दीवाली पर काजल बनाने की परंपरा

दीवाली की रात मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा के बाद सरसों के तेल या घी का दीपक जलाया जाता है। इसके बाद दीपक की लौ के ऊपर एक साफ धातु की प्लेट या कटोरी रखी जाती है। कुछ समय बाद प्लेट के नीचे काली कालिख जमा हो जाती है। इसी कालिख को इकट्ठा करके काजल बनाया जाता है। मान्यता है कि पूजा के दीपक से बना काजल शुभ और पवित्र होता है। कई परिवार इसे पूरे साल संभालकर रखते हैं।

बुरी नजर से बचाता है काजल

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, दीवाली की अमावस्या की रात को नकारात्मक शक्तियों का प्रभाव अधिक रहता है। ऐसे में दीपक से बना काजल लगाने से बुरी नजर और नकारात्मक ऊर्जा से बचाव होता है। कई घरों में बच्चों और परिवार के सदस्यों को यह काजल लगाया जाता है। माना जाता है कि इससे बुरी शक्तियां दूर रहती हैं और परिवार पर ईश्वर की कृपा बनी रहती है।

मां लक्ष्मी का मिलता है आशीर्वाद

दीवाली की रात मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की विशेष पूजा की जाती है। ऐसी मान्यता है कि पूजा के बाद दीपक से बनाया गया काजल देवी-देवताओं के आशीर्वाद का प्रतीक होता है। इसी वजह से कुछ परिवार इस काजल को अपनी तिजोरी, मुख्य दरवाजे और घर के चूल्हे पर लगाते हैं। मान्यता है कि ऐसा करने से घर में धन-धान्य की कमी नहीं होती और सुख-समृद्धि बनी रहती है।

घर में बरकत बनाए रखने की मान्यता

दीवाली पर बनाया गया काजल केवल आंखों में ही नहीं लगाया जाता, बल्कि इसे घर के अलग-अलग स्थानों पर भी लगाया जाता है। मुख्य दरवाजे पर काजल लगाने से बुरी नजर से घर की रक्षा होने की मान्यता है। तिजोरी पर लगाने से धन-संपत्ति में वृद्धि की कामना की जाती है। रसोई और चूल्हे पर लगाने से घर में अन्न और भोजन की बरकत बनी रहने की मान्यता है।

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अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।

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