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आपके सामने मीठा बोलने वाला कहीं धोखेबाज तो नहीं? चाणक्य नीति से पहचानें ऐसे लोगों की सच्चाई

Published: Thu, 22 Oct 2026 04:29 PM (IST)

क्या आपके सामने मीठा बोलने वाला व्यक्ति धोखेबाज है? आचार्य चाणक्य के अनुसार ऐसे लोगों से सावधान रहना जरूरी है। ...और पढ़ें

चाणक्‍य नीतियों की मदद से पता करें, कौन है सच्‍चा मित्र? (Picture Credit- AI Generated)

चाणक्‍य नीतियों की मदद से पता करें, कौन है सच्‍चा मित्र? (Picture Credit- AI Generated)

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धर्म डेस्क, नई दिल्ली। कई बार होता है जब हम सामने वाले के स्‍वभाव को पहचान नहीं पाते हैं। सामने से जो व्‍यक्ति आप से प्‍यार से बात कर रहा होता है, पीछे से वही आपकी बुराई करने में कोई कसर नहीं छोड़ता है। ऐसे लोगों को पहचानना भी बहुत मुश्किल होता है।

चाणक्य नीति की मानें तो किसी भी व्यक्ति पर आंखें बंद करके भरोसा नहीं करना चाहिए। कई बार जो लोग हमारे सामने मीठी-मीठी बातें करते हैं, वे पीठ पीछे हमारा नुकसान करने की भी कोशिश करते हैं। ऐसे लोगों को पहचानना जरूरी है, ताकि हम अपने जीवन में धोखे और परेशानी से बच सकें।

आचार्य चाणक्‍य ने एक श्‍लोक में कहा भी है-

'परोक्षे कार्यहन्तारं प्रत्यक्षे प्रियवादिनम्।

वर्जयेत्तादृशं मित्रं विषकुम्भं पयोमुखम्॥'

अर्थात, जो लोग सामने से मीठी बातें करते हैं, लेकिन आपके पीठ-पीछे आपकी छवि को नुकसान पहुंचाने का प्रयास करते हैं, उनसे दूरी बनाकर रखना जरूरी होता है। क्‍योंकि ऐसे लोग उस घड़े के समान होते हैं, जिसका मुंह दूध से भरा दिखाई देता है मगर उनके अंदर विष भरा होता है।

तो चलिए जानते हैं चाणक्य नीति के अनुसार, मीठा बोलने वाले धोखेबाज लोगों की पहचान कैसे की जा सकती है?

पीठ पीछे आपकी बुराई करने वाले लोगों से रहें सावधान

कुछ लोग आपके सामने आपकी खूब तारीफ करते हैं, लेकिन दूसरों के सामने आपकी छवि खराब करने की कोशिश करते हैं। ऐसे लोग आपकी कमजोरियों का इस्तेमाल अपने फायदे के लिए करते हैं। चाणक्य नीति की सीख के अनुसार, मित्रता में विश्वास और ईमानदारी का होना जरूरी है। अगर कोई व्यक्ति बार-बार आपकी निजी बातें दूसरों को बताता है या आपकी अनुपस्थिति में आपके खिलाफ गलत बातें फैलाता है, तो उस पर आंख मूंदकर विश्‍वास कभी मत करें।

स्वार्थ के लिए दिखाते हैं प्यार

कुछ लोगों का स्वभाव होता है कि वे तभी आपके पास आएंगे, जब उन्हें आपसे अपना कोई काम निकलवाना होगा। जैसे ही उनका काम आप कर देंगे, उनका व्यवहार भी आपके प्रति बिल्कुल बदल जाएगा। इतना ही नहीं, जब आपको उनसे कोई काम पड़ेगा, तो वे सबसे पहले पीछे हटेंगे और बहाने बनाने लग जाएंगे। इस तरह के स्वार्थी लोगों से आपको हमेशा ही बचकर रहना चाहिए। जो व्यक्ति आपके मुश्किल समय में आपके साथ खड़ा हो जाए, केवल वही आपका सच्चा मित्र हो सकता है।

कथनी और करनी में अंतर होना

कई लोग होते हैं, जो बड़े-बड़े वादे करते हैं और जब काम पड़ता है तब वे पीछे हट जाते हैं। ऐसे लोगों के लिए कहा जाता है कि इनकी कथनी और करनी में अंतर होता है। अगर कोई व्यक्ति बार-बार बड़े-बड़े वादे करता है, लेकिन समय आने पर उन्हें पूरा नहीं करता, तो उस पर आंखें बंद करके भरोसा करना ठीक नहीं है। ऐसे लोगों के व्यवहार को समझने के लिए उनकी बातों और कामों के बीच अंतर पर ध्यान दें।

जरूरत से ज्यादा तारीफ करने वालों को समझें

अगर कोई व्यक्ति बिना किसी खास कारण के आपकी जरूरत से ज्यादा तारीफ करता है, तो उसके व्यवहार को समझने की कोशिश करें। कई बार लोग अपनी बात मनवाने या किसी काम में मदद लेने के लिए चापलूसी का सहारा लेते हैं। हालांकि, हर तारीफ करने वाला व्यक्ति धोखेबाज नहीं होता। इसलिए किसी के इरादों पर संदेह करने से पहले उसके व्यवहार और परिस्थितियों को समझना जरूरी है।

अतः जीवन में ऐसे लोगों को महत्व दें, जो बातें कम और काम ज्यादा करते हों। रिश्तों में विश्वास जरूर रखें, लेकिन अपना इस्तेमाल न होने दें। क्योंकि किसी व्यक्ति की असली पहचान समय, व्यवहार और मुश्किल परिस्थितियों में उसके बर्ताव से होती है।

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अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।