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ऑफिस में कौन है सच्चा दोस्त और कौन छुपा दुश्मन? चाणक्य नीति की इन 5 बातों से तुरंत पहचानें

Published: Tue, 13 Oct 2026 06:42 PM (IST)

आचार्य चाणक्य की नीतियों के अनुसार, वर्कप्लेस पर सच्चे दोस्त और छिपे हुए दुश्मनों की पहचान करना जरूरी है। आइए ...और पढ़ें

दोस्त बनकर कौन कर रहा है आपका नुकसान, इन संकेतों से पहचानें (Picture Credit: AI Generated)

दोस्त बनकर कौन कर रहा है आपका नुकसान, इन संकेतों से पहचानें (Picture Credit: AI Generated)

HighLights

  1. सामने तारीफ, पीछे बुराई करने वालों से बचें।

  2. आपकी सफलता से ईर्ष्या करने वाले दुश्मन होते हैं।

  3. गलतियां बढ़ा-चढ़ाकर बताने वाले से दूरी बनाएं।

धर्म डेस्क, नई दिल्ली। आचार्य चाणक्य अपनी नीतियों में कई ऐसी बातें बताते हैं जो हमारे जीवन जीने के तरीके को बदल सकती हैं। ऐसे ही आपके वर्कप्लेस में भी कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी माना जाता है, जिससे आप प्रगति कर सकें।

उसी तरह से ऑफिस में अच्छे सहकर्मी मिलना जितना भी जरूरी है, लेकिन उससे ज्यादा जरूरी है आपके लिए वर्कप्लेस में अच्छे और बुरे दोस्त की पहचान करना।

कई बार जो लोग आपके सामने मीठी बातें करते हैं और दोस्ती का हाथ बढ़ाते हैं, वे ही पीठ पीछे आपकी तरक्की में बाधा डालने की कोशिश कर सकते हैं। आइए आपको बताते हैं ऐसी कौन सी बातें हैं जिससे आप वर्कप्लेस में दोस्त और दुश्मन की पहचान कर सकते हैं।

सामने तारीफ और पीछे बुराई

आपके वर्कप्लेस में कई बार ऐसे लोग मिल जाते हैं जो सामने आपके काम की तारीफ करते हैं और पीठ पीछे उसी काम की आलोचना करते हैं।

आपको जल्दी ही ऐसे सहकर्मियों से दूर बना लेनी चाहिए। ये लोग कभी भी आपको आगे बढ़ने का मौका नहीं देंगे और जैसे ही अवसर मिलेगा आपको नीचे दिखाकर खुद आगे बढ़ जाएंगे। वहीं सामने से आपके काम की आलोचना करने वाला कलीग आपका हितैषी हो सकता है और आपके काम को ज्यादा बेहतर बनाना चाहता है।

आपकी सफलता से खुश नहीं होते हैं

ऑफिस में कई कैसे लोग होते हैं जो आपकी सफलता से कभी खुश नहीं होते हैं, बल्कि आपकी सफलता से ईर्ष्या करने लगते हैं और आपको हर जगह नीचे दिखाने की कोशिश करते हैं।

ऐसे लोग कभी भी आपके हितैषी नहीं हो सकते हैं। हो सकता है कि ये सामने आपके अच्छे मित्र होने का दिखावा करें, लेकिन समय आने पर इनके चेहरे और हाव-भाव में आपके प्रति ईर्ष्या दिखाई देने लगती है। आचार्य चाणक्य होनी नीति में बताते हैं कि आपको ऐसे लोगों से तुरंत ही दूरी बना लेनी चाहिए।

आपकी गलतियों को बढ़ा-चढ़ाकर दिखाना

आचार्य चाणक्य बताते हैं कि आपके वर्कप्लेस में कुछ ऐसे लोग जरूर होते हैं जो आपकी छोटी सी गलतियों को भी दूसरों के सामने बढ़ा-चढ़ाकर दिखाते हैं।

आपको तुरंत इन लोगों से दूरी बना लेनी चाहिए। हालांकि, इसका मतलब यह भी नहीं है कि आपका अच्छा मित्र आपकी गलतियों पर परदा डालेगा, लेकिन वो इसे सुधारने की कोशिश करेगा न कि उसका प्रचार-प्रसार करेगा।

आपकी योजनाओं को जानने की कोशिश करे

आचार्य चाणक्य बताते हैं कि जो व्यक्ति वर्कप्लेस में आपकी योजनाओं को छिपकर जानने की कोशिश करे और उस पर खुद काम करने लगे वो कभी भी आपका अच्छा दोस्त नहीं हो सकता है। ऐसे लोग आपकी प्रगति को रोकने की कोशिश करते हैं और खुद आगे बढ़ते हैं।

कमजोरियों को जानकर उसे उजागर करें

अगर वर्कप्लेस में कोई ऐसा व्यक्ति है जो बार-बार आपकी कमजोरियों को उजागर करता है, तो वो कभी भी आपका सच्चा मित्र नहीं हो सकता है। आचार्य चाणक्य बताते हैं कि ऐसा व्यक्ति आपके लिए शत्रु का काम करता है और वर्कप्लेस में आपकी प्रगति को रोकता है।

अगर आपके वर्कप्लेस में भी ऐसे लोग हैं जिनमें ये सभी गुण मौजूद हैं, तो उनसे दूरी बना लेना ही जरूरी है।

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अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण अंधविश्वास के खिलाफ है।