अक्टूबर में महादेव की कृपा का डबल संयोग: 8 को गुरु तो 23 को शुक्र प्रदोष का बन रहा दुर्लभ मुहूर्त
अक्टूबर 2026 में दो प्रदोष व्रत रखे जाएंगे, पहला 8 अक्टूबर को गुरु प्रदोष और दूसरा 23 अक्टूबर को शुक्र ...और पढ़ें

अक्टूबर 2026 प्रदोष व्रत की तिथियां

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। हिंदू धर्म में त्रयोदशी तिथि का काफी महत्व है। प्रत्येक महीने के कृष्ण और शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि के मौके पर प्रदोष व्रत (October 2026 Pradosh Vrat) रखा जाता है। मुख्य रूप से यह दिन भगवान शिव की भक्ति और पूजा के लिए समर्पित है।
प्रदोष व्रत को लेकर धार्मिक मान्यता यह भी है कि, इस दिन व्रत रखने से घर में सुख-शांति बनी रहती है और जीवन में चल रही समस्याओं से भी छुटकारा मिलता है। हिंदू पंचांग के हिसाब से अश्विन का महीना शुरू हो गया है और शिव भक्त प्रदोष व्रत का इंतजार कर रहे हैं। आइए जानते हैं इस साल अक्टूबर महीने में कब रखा जाएगा प्रदोष व्रत?
अक्टूबर का पहला प्रदोष व्रत कब रखा जाएगा?
हिंदू पंचांग के हिसाब से अश्विन मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि 7 अक्टूबर को रात 11 बजकर 16 मिनट पर शुरू होगी। वहीं, 8 अक्टूबर को रात 11 बजकर 16 मिनट पर इस तिथि का समापन होगा। ऐसे में उदया तिथि को ध्यान में रखते हुए अक्टूबर महीने का पहला प्रदोष व्रत 8 अक्टूबर 2026 को रखा जाएगा।
हिंदू मान्यताओं के मुताबिक, जब प्रदोष का दिन गुरुवार को पड़ता है, तो इसे गुरु प्रदोष के नाम से जाना जाता है। गुरु प्रदोष को बृहस्पति प्रदोष व्रत के नाम से जाना जाता है। गुरु प्रदोष व्रत को आध्यात्मिक उन्नति और ज्ञान की प्राप्ति के लिए बेहद खास माना जाता है। गुरुवार का दिन भगवान शिव को तो प्रिय है ही लेकिन देवगुरु बृहस्पति से जुड़े होने के कारण इस दिन व्रत करने से ज्ञान, शिक्षा, धन, धर्म और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है।
पूजा का शुभ मुहूर्त क्या होने वाला है?
8 अक्टूबर 2026, गुरुवार को प्रदोष व्रत के लिए शुभ मुहूर्त शाम को 5 बजकर 59 मिनट से लेकर रात 8 बजकर 27 मिनट तक रहेगा। भगवान शिव के भक्त इस खास अवधि में उनकी पूजा-अर्चना कर सकते हैं।

अक्टूबर 2026 का दूसरा प्रदोष व्रत कब रखा जाएगा?
हिंदू पंचांग के मुताबिक, अश्विन मास के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि 23 अक्टूबर 2026 को दोपहर 2 बजकर 35 मिनट पर रखा जाएगा। वहीं, 24 अक्टूबर 2026 को दोपहर 1 बजकर 36 मिनट पर त्रयोदशी तिथि का समापन होगा। उदया तिथि के हिसाब से 23 अक्टूबर 2026, शुक्रवार को शुक्ल पक्ष का प्रदोष व्रत रखा जाएगा।
पूजा का शुभ मुहूर्त क्या होने वाला है?
23 अक्टूबर 2026, शुक्र प्रदोष व्रत (October 2026 Pradosh Vrat) के लिए शुभ मुहूर्त शाम 5 बजकर 44 मिनट से लेकर रात 8 बजकर 16 मिनट पर होगा। शुक्र प्रदोष व्रत के मौके पर भगवान शिव के भक्तों के पास उनकी पूजा-अर्चना करने के लिए 2 घंटे 33 मिनट का समय मिलेगा।
जब प्रदोष व्रत का दिन शुक्रवार को पड़ता है, तो इसे शुक्र प्रदोष व्रत के नाम से जाना जाता है। शुक्र प्रदोष व्रत सौंदर्य, भोग, वैवाहिक सुख और धन-संपदा की प्राप्ति के लिए किया जाता है। यह व्रत महिलाओं के लिए खासतौर पर कल्याणकारी माना जाता है। इस व्रत से वैवाहिक जीवन सुखमय होने के साथ मां लक्ष्मी की कृपा भी प्राप्त होती है।
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