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चाणक्य नीति: कम बोलकर छिप के वार करते हैं ये लोग, पहचानना है मुश्किल, बचने के हैं 3 अचूक तरीके

Published: Thu, 10 Sep 2026 08:00 PM (IST)Updated: Fri, 11 Sep 2026 11:54 AM (IST)

आचार्य चाणक्य ने उन लोगों को पहचानने के तीन तरीके बताए हैं जो सामने मीठे बोलकर पीठ पीछे वार करते ...और पढ़ें

धोखेबाज लोगों को पहचानें और उनसे दूरी बनाएं । (Picture Credit- AI Generated)

 धोखेबाज लोगों को पहचानें और उनसे दूरी बनाएं । (Picture Credit- AI Generated)

HighLights

  1. अपनी गुप्त बातें केवल भरोसेमंद लोगों से ही साझा करें।

  2. झूठे और चालाक लोगों की संगति से हमेशा दूर रहें।

  3. हर किसी पर तुरंत विश्वास न करें, हमेशा सतर्क रहें।

धर्म डेस्क, नई दिल्ली।  कुछ लोग सामने तो बहुत मीठा बोलते हैं, ऐसा लगता है जैसे आपके सबसे बड़े हितैषी वही हैं, लेकिन पीठ पीछे वही लोग वार करते हैं। ऐसे दोहरे चरित्र वाले लोगों को पहली मुलाकात में ही कैसे पहचानें, इसके लिए आचार्य चाणक्य ने अपनी नीतियों में 3 अचूक तरीके बताए हैं।अगर आप चाणक्य की इन बातों को जीवन में अपना लेंगे तो कोई भी आपको धोखा नहीं दे पाएगा। आप पहले ही उनके इरादे भांप लेंगे और समय रहते उनसे दूरी बना लेंगे।

अपनी गुप्त बातें अपने तक रखें

अपनी कमजोरी, आर्थिक स्थिति, भविष्य की योजना या परिवार से जुड़ी निजी जानकारी हर किसी को बताना समझदारी नहीं है। गलत व्यक्ति के हाथ में ऐसी जानकारी पहुंच जाए तो वह उसका फायदा उठा सकता है। इसलिए अपनी महत्वपूर्ण और निजी बातें केवल भरोसेमंद लोगों के साथ ही साझा करें। खासतौर पर ऐसे व्यक्ति के सामने खुलकर बात करने से बचें, जिसकी नीयत पर आपको संदेह हो।

चालाक और झूठे लोगों से दूरी रखें

जो व्यक्ति बार-बार झूठ बोलता है, दूसरों की बुराई करता है या हर परिस्थिति में अपना फायदा खोजता है, उससे सावधान रहना चाहिए। ऐसे लोगों के सामने अपनी कमजोरियां बताने से बचना बेहतर है। चाणक्य नीति में संगति को बहुत महत्वपूर्ण बताया गया है। आप जैसे लोगों के संग दोस्‍ती रखेंगे, आपका व्‍यवहार और जीवन में परिस्थितियां भी वैसी ही बन जाएंगी। इसलिए व्यक्ति को ऐसे लोगों की संगति चुननी चाहिए, जिनका व्यवहार ईमानदार और सकारात्मक हो।

हमेशा सतर्क और सावधान रहें

कुछ लोग जरूरत से ज्यादा अपनापन दिखाकर आपका विश्वास हासिल करने की कोशिश कर सकते हैं। ऐसे व्यवहार से तुरंत प्रभावित होने की बजाय व्यक्ति को सामने वाले की गतिविधियों पर ध्यान देना चाहिए। सतर्क रहने का अर्थ यह नहीं है कि हर व्यक्ति पर शक किया जाए। इसका मतलब है कि महत्वपूर्ण मामलों में जल्दबाजी न की जाए और किसी भी निर्णय से पहले परिस्थितियों को अच्छी तरह समझा जाए।

अत: पीठ पीछे नुकसान पहुंचाने वाले लोगों से बचने के लिए सबसे जरूरी है कि व्यक्ति अपनी समझदारी और सतर्कता बनाए रखे। हर किसी पर तुरंत विश्‍वास न करें।

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अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है