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चाणक्य नीति: बुरे वक्त में इन 5 चीजों का साथ न छोड़ें, हर मुश्किल हो जाएगी आसान

Published: Sun, 06 Sep 2026 04:00 PM (IST)

आचार्य चाणक्य के अनुसार, बुरे वक्त में धैर्य, संयम, क्रोध पर नियंत्रण, परिश्रम और परिवार का साथ नहीं छोड़ना चाहिए। ...और पढ़ें

चाणक्य नीति के ये 5 सूत्र बुरे वक्त को बनाएंगे आसान (Picture Credit: AI Generated)

चाणक्य नीति के ये 5 सूत्र बुरे वक्त को बनाएंगे आसान (Picture Credit: AI Generated)

HighLights

  1. बुरे वक्त में धैर्य और संयम बनाए रखना महत्वपूर्ण।

  2. क्रोध पर काबू पाकर लगातार परिश्रम करते रहें।

  3. परिवार का साथ कभी न छोड़ें, उनकी मदद लें।

धर्म डेस्क, नई दिल्ली। मनुष्य को बुरे समय में कुछ बातों का ध्यान जरूर रखना चाहिए। आचार्य चाणक्य ने अपने नीतियों में कुछ ऐसी बातें बताई हैं जिनका पालन करने से जीवन में सफलता तो मिलती ही है और बुरे समय से बाहर निकलने में भी मदद मिलती है। 

ऐसा कहा जाता है कि यदि जीवन में कभी बुरा समय आता है तो यह आपकी परीक्षा लेने के लिए आता है और आपको उसमें परेशान होने के बजाय कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए।

आचार्य चाणक्य अपनी नीतियों में बताते हैं कि आपको बुरे समय में कुछ चीजों को छोड़ना नहीं चाहिए। ऐसा करने से जल्द ही आप समस्याओं से बाहर आ सकते हैं। आइए आपको बताते हैं इसके बारे में।

धैर्य बनाए रखना

आचार्य चाणक्य बताते हैं कि बुरे वक्त में आपको कभी भी धैर्य नहीं खोना चाहिए। मनुष्य के जीवन में जब बुरा समय आ जाए तो इससे परिस्थितियों से घबराना नहीं चाहिए।

बुरा समय किसी भी व्यक्ति के जीवन में ऐसे होता है जैसे दिन के बाद रात और जैसे ही रात जुजर जाती है फिर से सवेरा हो जाता है। ऐसे ही मनुष्य को कभी भी बुरे वक्त में घबराने के बजाय अपना धैर्य बना रखना चाहिए।

इससे जल्द ही बुरा वक्त निकल जाता है और अच्छा समय शुरू हो जाता है। जब सुख स्थाई नहीं है तो दुख भी स्थाई नहीं है इसलिए मनुष्य को बुरे वक्त के लिए हमेशा तैयार रहना चाहिए।

संयम बनाए रखना चाहिए

मनुष्य को किसी भी परिस्थिति में संयम बनाए रखना चाहिए। व्यक्ति को हमेशा कठिन समय में ज्यादा गंभीरता से सोचने की जरूरत है और संयम नहीं खोना चाहिए।

आचार्य चाणक्य बताते हैं कि बुरे से बुरे समय में यदि आप संयम बनाए रखते हैं तो यह समय जल्द ही निकल आजाता है। इस समय आपको कोई भी फैसला जल्दबाजी में नहीं लेना चाहिए बल्कि संयम के साथ ही कोई भी निर्णय लेने की जरूरत है। व्यक्ति को कठिन समाय में संयम से काम लेना चाहिए और अच्छे समय का इंतजार करना चाहिए।

क्रोध पर काबू रखना चाहिए

अगर मनुष्य का कठिन समय हो तो उसे ऐसे में क्रोध से बचाना चाहिए। अगर आप बुरे समय में भी क्रोध करते हैं तो आपको मुसीबत से बाहर निकलने में बहुत समय लगता है और जीवन की परिस्थितियां और ज्यादा कठिन हो जाती हैं। आपको भले ही कितना क्रोध क्यों न आए आपको उस पर काबू रखना चाहिए। इससे आप जल्दी ही बुरे वक्त से बाहर निकल सकते हैं।

परिश्रम करते रहना चाहिए

अगर आपके जीवन में कभी भी कठिन समय आए आपको परिश्रम करना नहीं छोड़ना चाहिए। कितना ही खराब समय क्यों न हो व्यक्ति को बैठे नहीं रहना चाहिए, बल्कि लगातार परिश्रम करने से सफलता जरूर हासिल होती है। परिश्रम करने से बुरे से बुरा समय भी जल्द ही निकल जाता है और अच्छा समय आरंभ हो जाता है।

परिवार का साथ नहीं छोड़ना चाहिए

आपको कभी भी बुरे समय में परिवार से दूरी नहीं बनानी चाहिए। परिवार के साथ से ही आपको कठिन समय से बाहर निकलने में मदद मिल सकती है। आचार्य चाणक्य बताते हैं कि परिवार किसी भी व्यक्ति की सबसे बड़ी पूंजी है और बुरे समय में आपको परिवार के लोगों की मदद लेने से हिचकिचाना नहीं चाहिए।

अगर आप खराब समय में यहां बताई बातों का ध्यान रखेंगे तो आपको जल्द ही बड़ी से बड़ी मुसीबत से बाहर निकलने में मदद मिलेगी।

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अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण अंधविश्वास के खिलाफ है।