आज का पंचांग 30 अक्टूबर: इस समय भूलकर भी न करें कोई शुभ काम! नोट करें राहुकाल, नक्षत्र और अमृत चौघड़िया का समय
आज 30 अक्टूबर को कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि है। पंचांग के अनुसार, राहुकाल में शुभ कार्य ...और पढ़ें

आज 30 अक्टूबर का पंचांग: शुभ-अशुभ मुहूर्त और मृगशिरा नक्षत्र
आनंद सागर पाठक, एस्ट्रोपत्री। हिंदू पंचांग के अनुसार, आज कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि है, जो शाम 7 बजकर 24 मिनट तक रहेगी, इसके बाद षष्ठी तिथि शुरू हो जाएगी। आज के दिन अगर आप किसी भी शुभ काम की शुरुआत करने से पहले तिथि, नक्षत्र और शुभ-अशुभ मुहूर्त का ध्यान जरूर रखें।
पंचांग के अनुसार, आज कुछ समय के लिए राहुकाल मौजूद है और आपको इस समय पर नया काम नहीं करना चाहिए। वहीं, आज अमृत काल और अभिजीत मुहूर्त जैसे शुभ समय भी रहेंगे, जिनमें कार्यों की शुरुआत के लिए मुहूर्त पर विचार किया जा सकता है। आइए आपको बताते हैं आज पूरे दिन के शुभ-अशुभ मुहूर्त के बारे में यहां विस्तार से।
महत्वपूर्ण विवरण
तिथि: कृष्ण पक्ष की पंचमी – सायं 07 बजकर 24 मिनट तक, फिर षष्ठी तिथि
योग: शिव – रात्रि 08 बजलर 41 मिनट तक, फिर सिद्धा
करण: कौलव – प्रातः 08 बजकर 45 मिनट तक
करण: तैतिल – सायं 07 बजकर 24 मिनट तक, फिर गरज (अगले दिन तड़के 06:08 बजे तक)
सूर्य और चंद्रमा की स्थिति
सूर्योदय का समय: प्रातः 06 बजकर 31 मिनट
सूर्यास्त का समय: सायं 05 बजकर 38 मिनट पर
चंद्रोदय का समय: रात्रि 09 बजकर 23 मिनट
चंद्रास्त का समय: रात्रि 10 बजकर 57 मिनट
सूर्य और चंद्रमा की राशियां
सूर्य देव: तुला राशि में स्थित हैं
चन्द्र देव: मिथुन राशि में स्थित हैं
आज के शुभ मुहूर्त
अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 11 बजकर 42 मिनट से दोपहर 12 बजकर 27 मिनट तक
अमृत काल: रात्रि 09 बजकर 58 मिनट से रात्रि 11 बजकर 27 मिनट तक
आज के अशुभ समय
राहुकाल: प्रातः 10 बजकर 41 मिनट से दोपहर 12 बजकर 05 मिनट तक
गुलिकाल: प्रातः 07 बजकर 55 मिनट से प्रातः 09 बजकर 18 मिनट तक
यमगण्ड: दोपहर 02 बजकर 51 मिनट से सायं 04 बजकर 14 मिनट तक
आज का नक्षत्र
आज चंद्रदेव मृगशिरा नक्षत्र में विराजमान रहेंगे।
मृगशिरा नक्षत्र: रात्रि 09 बजकर 04 मिनट तक, फिर आर्द्रा
नक्षत्र स्वामी: मंगलदेव
राशि स्वामी: शुक्रदेव और बुधदेव
देवता: सोम (अमृत और चंद्रमा के देवता)
प्रतीक: हिरण का सिर
सामान्य विशेषताएं: सौम्य स्वभाव, आकर्षक व्यक्तित्व, बुद्धिमान, बातूनी, कामुक, मेहनती, सरल जीवन पसंद करने वाले और कभी-कभी आत्मविश्वास की कमी।
यह भी पढ़ें- क्या कोई भी नया व्रत शुरू करने के लिए कार्तिक मास ही सबसे शुभ है? पंडित जी बता रहे हैं जरूरी बातें
यह भी पढ़ें- कार्तिक मास में दीपदान से पहले क्यों जरूरी है दीपक की पूजा? जानिए सही नियम और धार्मिक महत्व
यह दैनिक पंचांग Astropatri.com की तरफ से प्रस्तुत किया गया है। सुझाव या प्रतिक्रिया के लिए कृपया hello@astropatri.com पर संपर्क करें।
