आज का पंचांग 14 अक्टूबर 2026: चतुर्थी पर बन रहा आयुष्मान योग, इस मुहूर्त में करें मां कूष्मांडा की पूजा
वैदिक पंचांग के अनुसार, 14 अक्टूबर 2026 को शारदीय नवरात्र का चौथा दिन है, जब मां कूष्मांडा की पूजा की ...और पढ़ें
-1791884216369_m.webp)
Aaj ka Panchang 14 October 2026: आज कौन-से बन रहे शुभ-अशुभ योग?
आनंद सागर पाठक, एस्ट्रोपत्री। वैदिक पंचांग के अनुसार, आज यानी 14 अक्टूबर को शारदीय नवरात्र का चौथा दिन है। इस दिन मां दुर्गा के चौथे स्वरूप मां कूष्मांडा की पूजा-अर्चन करने का विधान है। मां कूष्मांडा के हाथों में कमंडल, धनुष, बाण, कमल-पुष्प, अमृत से भरा कलश, चक्र, गदा और माला सुशोभित हैं।
धार्मिक मान्यता के अनुसार, देवी की साधना करने से जीवन में आने वाले सभी दुख-दूर हो जाते हैं और शुभ परिणाम मिलते हैं। बुधवार के दिन आयुष्मान रात्रि 08 बजकर 39 मिनट तक रहेगा। वहीं, सूर्य देव कन्या राशि और चन्द्र देव वृश्चिक राशि में स्थित हैं। आइए जानते हैं आज की तिथि, शुभ-अशुभ योग, सूर्योदय, सूर्यास्त और राहुकाल (Aaj ka Panchang 14 October 2026) का समय समेत आदि जानकारी।
तिथि: शुक्ल चतुर्थी
मास: आश्विन
दिन: बुधवार
संवत्: 2083
तिथि: शुक्ल पक्ष की चतुर्थी – अगले दिन तड़के 01 बजकर 13 मिनट (15 अक्टूबर) तक, फिर पंचमी तिथि
योग: आयुष्मान – रात्रि 08 बजकर 39 मिनट तक, फिर सौभाग्य
करण: वणिज – दोपहर 12 बजकर 16 मिनट तक
करण: विष्टि (भद्रा) – अगले दिन तड़के 01 बजकर 13 मिनट (15 अक्टूबर) तक, फिर बव
सूर्य और चंद्रमा की स्थिति
सूर्योदय का समय: प्रातः 06 बजकर 21 मिनट
सूर्यास्त का समय: सायं 05 बजकर 53 मिनट
चंद्रोदय का समय: प्रातः 09 बजकर 49 मिनट
चंद्रास्त का समय: रात्रि 07 बजकर 57 मिनट
सूर्य और चंद्रमा की राशियां
सूर्य देव: कन्या राशि में स्थित हैं
चन्द्र देव: वृश्चिक राशि में स्थित हैं
आज के शुभ मुहूर्त
अभिजीत मुहूर्त: कोई नहीं
अमृत काल: सायं 04 बजकर 38 मिनट से सायं 06 बजकर 23 मिनट तक
आज के अशुभ समय
राहुकाल: दोपहर 12 बजकर 07 मिनट से दोपहर 01 बजकर 33 मिनट तक
गुलिकाल: प्रातः 10 बजकर 40 मिनट से दोपहर 12 बजकर 07 मिनट तक
यमगण्ड: प्रातः 07 बजकर 48 मिनट से प्रातः 09 बजकर 14 मिनट तक
आज का नक्षत्र
आज चंद्रदेव अनुराधा नक्षत्र में विराजमान रहेंगे।
अनुराधा नक्षत्र: अगले दिन तड़के 04 बजकर 03 मिनट (15 अक्टूबर) तक, फिर ज्येष्ठा
नक्षत्र स्वामी: शनिदेव
राशि स्वामी: मंगलदेव
देवता: मित्र (तालमेल और मित्रता के देवता)
प्रतीक: कमल का फूल या सजा हुआ द्वार
सामान्य विशेषताएं: सुंदर बाल और पलकें, ईश्वर में आस्था, साहसी, बुद्धिमान, स्पष्टवादी, मेहनती, समाज में सम्मानित, आकर्षक व्यक्तित्व, थोड़े स्वार्थी, स्वतंत्र विचार और रिश्तों में गंभीर।
यह भी पढ़ें- शारदीय नवरात्रि 2026: 18 या 19 अक्टूबर किस दिन पड़ेगी संधि पूजा? नोट कर लें सही तारीख, मुहूर्त और धार्मिक महत्व
यह भी पढ़ें- नेगेटिव एनर्जी से लेकर बुरी नजर तक, नवरात्र पर घर के बाहर क्यों लटकाए जाते हैं नींबू-मिर्च?
यह दैनिक पंचांग Astropatri.com की तरफ से प्रस्तुत किया गया है। सुझाव या प्रतिक्रिया के लिए कृपया hello@astropatri.com पर संपर्क करें।
