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आज का पंचांग 06 अक्टूबर 2026: इंदिरा एकादशी पर आश्लेषा नक्षत्र और सिद्ध योग का खास मेल, नोट करें शुभ मुहूर्त से लेकर पारण का समय

Published: Tue, 06 Oct 2026 06:00 AM (GMT+05:30)

आज 6 अक्टूबर 2026 को आश्विन मास की कृष्ण पक्ष की इंदिरा एकादशी है, जो भगवान विष्णु की पूजा के ...और पढ़ें

6 अक्टूबर 2026 का पंचांग

6 अक्टूबर 2026 का पंचांग

धर्म डेस्क, नई दिल्ली। आज 6 अक्टूबर 2026, मंगलवार का दिन हिंदू पंचांग के हिसाब से आश्विन मास की कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि, जो दोपहर 12 बजकर 34 मिनट तक रहेगी और इसके बाद द्वादशी तिथि शुरू हो जाएगी। आज इंदिरा एकादशी भी है, जो भगवान श्रीविष्णु की पूजा के लिए बेहद खास मानी जाती है। 

एकादशी के अगले दिन सूर्योदय के बाद व्रत खोलने की प्रक्रिया को पारण कहा जाता है। देखा जाए तो द्वादशी तिथि समाप्त होने से पहले ही पारण करना बेहद जरूरी माना गया है। समय पर पारण न करना शास्त्र सम्मत नहीं माना जाता। ध्यान रहे कि हरि वासर के दौरान व्रत खोलने से बचना चाहिए। 

पारण करने से पहले हरि वासर के समाप्त होने का इंतजार करना ही सही रहता है। द्वादशी तिथि का पहला एक-चौथाई समय हरि वासर कहलाता है। उपवास खोलने के लिए प्रातःकाल का समय सबसे उपयुक्त माना जाता है। यह पावन व्रत जीवन में अनुशासन और संतुलन लाने का एक सुंदर संकेत देता है।

इंदिरा एकादशी 2026

एकादशी तिथि प्रारंभ: 06 अक्टूबर, तड़के 02 बजकर 07 मिनट पर

एकादशी तिथि समाप्त: 07 अक्टूबर, रात 12 बजकर 34 मिनट पर 

व्रत पारण समय (07 अक्टूबर): सुबह 06 बजकर 17 मिनट से 08 बजकर 38 मिनट तक 

द्वादशी तिथि समाप्त: 07 अक्टूबर, रात 11 बजकर 16 मिनट पर

6 अक्टूबर 2026 का विस्तृत पंचांग 

तिथि: कृष्ण पक्ष की एकादशी – मध्यरात्रि बाद 12 बजकर 34 मिनट (07 अक्टूबर) तक, फिर द्वादशी तिथि

योग: सिद्ध – प्रातः 07 बजकर 20 मिनट तक, फिर साध्य (अगले दिन तड़के 05:00 बजे, 07 अक्टूबर तक)

करण: बव – दोपहर 01 बजकर 19 मिनट तक

करण: बालव – मध्यरात्रि बाद 12 बजकर 34 मिनट (07 अक्टूबर) तक, फिर कौलव

सूर्य और चंद्रमा की स्थिति

सूर्योदय का समय: प्रातः 06 बजकर 17 मिनट

सूर्यास्त का समय: सायं 06 बजकर 01 मिनट

चंद्रोदय का समय: मध्यरात्रि बाद 02 बजकर 52 मिनट (07 अक्टूबर)

चंद्रास्त का समय: दोपहर 03 बजकर 23 मिनट

सूर्य और चंद्रमा की राशियां

सूर्य देव: कन्या राशि में स्थित हैं

चन्द्र देव: कर्क राशि में (रात्रि 10 बजकर 17 मिनट तक), फिर सिंह राशि में प्रवेश

आज के शुभ मुहूर्त

अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 11 बजकर 45 मिनट से दोपहर 12 बजकर 32 मिनट तक

अमृत काल: रात्रि 08 बजकर 44 मिनट से रात्रि 10 बजकर 17 मिनट तक

आज के अशुभ समय

राहुकाल: दोपहर 03 बजकर 05 मिनट से सायं 04 बजकर 33 मिनट तक

गुलिकाल: दोपहर 12 बजकर 09 मिनट से दोपहर 01 बजकर 37 मिनट तक

यमगण्ड: प्रातः 09 बजकर 13 मिनट से प्रातः 10 बजकर 41 मिनट तक

आज का नक्षत्र

आज चंद्रदेव आश्लेषा नक्षत्र में विराजमान रहेंगे।

आश्लेषा नक्षत्र: रात्रि 10 बजकर 17 मिनट तक, फिर मघा

नक्षत्र स्वामी: बुधदेव

राशि स्वामी: चंद्रदेव

देवता: नाग (सर्प देवता)

प्रतीक: कुंडली मार कर बैठा हुआ सर्प

सामान्य विशेषताएं:मजबूत कद-काठी, खुशमिजाज व्यक्तित्व, जीवन के प्रति उत्साह, कुशाग्र बुद्धि, तीव्र स्मरण शक्ति, चतुर, यात्रा प्रेमी, प्रभावशाली वक्ता और रहस्यमयी।

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अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें।