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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 02, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Aaj ka Panchang 02 May 2024: गुरुवार व्रत पर दुर्लभ 'ब्रह्म' योग समेत बन रहे हैं ये 3 संयोग, पढ़ें दैनिक पंचांग

By Pravin KumarEdited By: Pravin Kumar
Published: Thu, 02 May 2024 06:00 AM (IST)

Aaj ka Panchang 02 May 2024 गुरुवार के दिन भगवान विष्णु की पूजा-उपासना करने से न केवल जातक को मनचाहा ...और पढ़ें

Aaj ka Panchang 02 May 2024: गुरुवार व्रत पर दुर्लभ 'ब्रह्म' योग समेत बन रहे हैं ये 3 संयोग
Aaj ka Panchang 02 May 2024: गुरुवार व्रत पर दुर्लभ 'ब्रह्म' योग समेत बन रहे हैं ये 3 संयोग

धर्म डेस्क, नई दिल्ली। Aaj ka Panchang 02 May 2024: सनातन धर्म में गुरुवार के दिन भगवान विष्णु की पूजा-उपासना की जाती है। साथ ही गुरुवार का व्रत रखा जाता है। इस व्रत को अविवाहित एवं विवाहित महिलाएं करती हैं। इस व्रत के पुण्य-प्रताप से साधक को मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है। ज्योतिषियों की मानें तो वैशाख माह के कृष्ण पक्ष के दूसरे गुरुवार पर कई मंगलकारी योग बन रहे हैं। इन योग में भगवान विष्णु की पूजा करने से साधक को अक्षय फल की प्राप्ति होगी। आइए, आज का पंचांग और राहुकाल जानते हैं-

आज का पंचांग (Panchang 02 May 2024)

सूर्योदय और सूर्यास्त का समय

सूर्योदय - सुबह 05 बजकर 39 मिनट पर

सूर्यास्त - शाम 06 बजकर 57 मिनट पर

चन्द्रोदय- देर रात 02 बजकर 27 मिनट पर

चंद्रास्त- दोपहर 12 बजकर 46 मिनट पर

पंचांग

ब्रह्म मुहूर्त - सुबह 04 बजकर 14 मिनट से 04 बजकर 56 मिनट तक

विजय मुहूर्त - दोपहर 02 बजकर 31 मिनट से 03 बजकर 24 मिनट तक

गोधूलि मुहूर्त - शाम 06 बजकर 56 मिनट से 07 बजकर 17 मिनट तक

निशिता मुहूर्त - रात्रि 11 बजकर 56 मिनट से 12 बजकर 39 मिनट तक

अशुभ समय

राहु काल - दोपहर 01 बजकर 58 मिनट से 03 बजकर 38 मिनट तक

गुलिक काल - सुबह 08 बजकर 59 मिनट से 10 बजकर 38 मिनट तक

दिशा शूल - दक्षिण

ताराबल

भरणी, रोहिणी, मृगशिरा, आर्द्रा, पुनर्वसु, आश्लेषा, पूर्वा फाल्गुनी, हस्त, चित्रा, स्वाति, विशाखा, ज्येष्ठा, पूर्वाषाढ़ा, श्रवण, धनिष्ठा, शतभिषा, पूर्वाभाद्रपद, रेवती

चन्द्रबल

मेष, कर्क, सिंह, वृश्चिक, मकर, मीन

योग 

वैशाख माह के कृष्ण पक्ष की दूसरे गुरुवार पर शुक्ल योग का निर्माण संध्याकाल 05 बजकर 19 मिनट तक हो रहा है। इसके बाद ब्रह्म योग का संयोग बन रहा है। साथ ही अभिजीत मुहूर्त का भी योग है।

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डिसक्लेमर: 'इस लेख में निहित किसी भी जानकारी/सामग्री/गणना की सटीकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संग्रहित कर ये जानकारियां आप तक पहुंचाई गई हैं। हमारा उद्देश्य महज सूचना पहुंचाना है, इसके उपयोगकर्ता इसे महज सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त, इसके किसी भी उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता की ही रहेगी।'