काल भैरव की कृपा मिलते ही जीवन में बदलते हैं ये 5 हालात, ऐसे करें बाबा को प्रसन्न
काल भैरव भगवान शिव का उग्र रूप हैं, जिनकी कृपा से व्यक्ति भय, शत्रु बाधा और नकारात्मक ऊर्जा से मुक्त ...और पढ़ें

कालभैरव की कृपा के लक्षण
HighLights
काल भैरव भगवान शिव का उग्र रूप हैं।
उनकी कृपा से भय, शत्रु बाधा से मिलती मुक्ति।
कुत्तों की सेवा, दीपक जलाने से प्रसन्न होते हैं।
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। हिंदू धार्मिक ग्रंथों और मान्यताओं में काल भैरव भगवान शिव का ही उग्र रूप है, जिन्हें सुरक्षा और विनाश दोनों का ही देवता माना जाता है। जो व्यक्ति नियमित रूप से काल भैरव देवता की पूजा करता है, उसे तंत्र-मत्र, जादू-टोना, शत्रु बाधा से मुक्ति और डर पर विजय हासिल करता है।
माना जाता है कि जिस भी व्यक्ति पर काल भैरव अपनी कृपा दिखाते हैं, उसे इन 5 संकेतों के जरिए महसूस किया जा सकता है। आइए जानते हैं इन खास संकेतों के बारे में।

पहला संकेत
जिस किसी पर भी बाबा काल भैरव की कृपा दृष्टि होती है, वह किसी भी बड़े से बड़े हादसे और मुसीबत से बच निकल आता है। जो चीज पहले परेशान और निराश करती थी, अब उसे लेकर चिंता नहीं होती है क्योंकि अब आपके साथ काल भैरव हैं।
दूसरा संकेत
जिस भी इंसान पर काल भैरव की विशेष कृपा होती है, वो धीरे-धीरे अपने डर पर जीत हासिल कर लेता है। मन में किसी भी तरह का डर नहीं रहता है। आपको अपने अंदर एक अलग तरह की निडरता महसूस होने लगती है।
तीसरा संकेत
स्वप्न में बार-बार काल भैरव बाबा के दर्शन या उनके मंदिर में दर्शन करने का सपना आना, जो इस बात को दर्शाता है कि काल भैरव आपकी भक्ति से काफी खुश हैं और आपके ऊपर उनकी कृपा बनी हुई है।
चौथा संकेत
काल भैरव की कृपा का चौथ संकेत आपको तब मिलता है, जब कोई आपको नुकसान पहुंचाने की योजना बनाता है, लेकिन वो खुद उस घटिया योजना का शिकार हो जाता है। ऐसा इसलिए होता है कि इस बार भगवान काल भैरव आपकी सुरक्षा के लिए खुद मौजूद हैं।
पांचवां संकेत
जब जीवन में मुश्किल परिस्थिति में भी नकारात्मक या निराशा महसूस होने की बजाय दिमाग और मन पर संतुलन रहे और अच्छे विचार आए, तो समझ लेना चाहिए कि भगवान काल भैरव आप तक बुरी ऊर्जा को पहुंचने से पहले ही उसे दूर कर देते हैं।
काल भैरव को कैसे खुश करें?
काल भैरव देवता को खुश करने के लिए नियमित रूप से उनकी पूजा करने के साथ कुत्तों की सेवा करनी चाहिए क्योंकि धार्मिक मान्यताओं में उनका वाहन कुत्ता ही बताया है।
इसके अलावा रोज शाम होने के बाद किसी भी काल भैरव मंदिर में या शिव मंदिर में जाकर उनकी प्रतिमा के सामने सरसों के तेल का दीपक जलाना चाहिए। ऐसा करने से जीवन में काल भैरव की कृपा प्राप्त होती है।
इसके साथ ही उन्हें खुश करने के लिए रोजाना जितना हो सकें उतना उनके इस खास मंत्र का जाप करना चाहिए। "ऊं ह्रीं बटुकाय आपदुद्धारणाय कुरु कुरु बटुकाय ह्रीं।"
यह भी पढ़ें- भय और संकट से मुक्ति के लिए कालाष्टमी व्रत: इन बातों का रखें खास ख्याल, मिलेगी काल भैरव की कृपा
यह भी पढ़ें- राहु-शनि के दोषों से चाहिए मुक्ति? आज ही अपनाएं काल भैरव को प्रसन्न करने के ये 5 उपाय
अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण अंधविश्वास के खिलाफ है।
देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।