पिठोरी अमावस्या 2026: 10 या 11 सितंबर कब करें स्नान और दान? दूर करें अपनी हर उलझन
पिठोरी अमावस्या 10 सितंबर 2026 को मनाई जाएगी, जिसमें स्नान, दान और पितरों को तर्पण का विशेष महत्व है। इस ...और पढ़ें

पिठोरी अमावस्या दान (Picture Credits- AI Images)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। हिंदू धर्म में पिठोरी अमावस्या का खास महत्व है। भारत वर्ष में इसे भाद्रपद अमावस्या, कुशाग्रहणी अमावस्या, कुशोत्पाटनी अमावस्या, पिठौरा, पोला (या पोलाला) अमावस्या और मातृ अमावस्या आदि नामों से जाना जाता है।
हिंदू पंचांग के हिसाब से भाद्रपद मास कृष्ण पक्ष की अमावस्या को 'पिठोरी अमावस्या' कहा जाता है। इस दिन स्नान, दान और पितरों को तर्पण देने का खास महत्व है। ऐसे में अधिकतर लोगों को कन्फ्यूजन है कि अमावस्या तिथि पर किस दिन करना शुभ रहेगा?
पिठोरी अमावस्या की सही तिथि
द्रिक पंचांग के मुताबिक, इस वर्ष भादो कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि 10 सितंबर 2026, सुबह 10 बजकर 33 मिनट पर शुरू होगी, जो अगले दिन 11 सितंबर की सुबह 8 बजकर 56 मिनट पर समाप्त होग।
ऐसे में उदया तिथि के हिसाब से पिठोरी अमावस्या 10 सितंबर 2026 को ही मनाई जाएगी। इस हिसाब से पूजा और दान करने के लिए आज का दिन ही सही माना जाएगा।
| पिठोरी अमावस्या पर पूजा का मुहूर्त | सुबह 6 बजकर 7 मिनट से लेकर 9 बजकर 18 मिनट तक |
| पितरों को तर्पण और पिंडदान | 11 बजकर 45 मिनट से लेकर 1 बजकर 30 मिनट तक |
अमावस्या पर दान कब करें?
सनातन परंपरा के मुताबिक, दान करने का सबसे शुभ समय ब्रह्म मुहूर्त का माना जाता है। हालांकि सूर्योदय के बाद भी आप स्नान-दान से जुड़े कार्य कर सकते हैं। बस आपको राहुकाल और अशुभ मुहूर्त के दौरान दान करने से बचना चाहिए।

अमावस्या तिथि पर क्या दान करना शुभ?
काले तिल
अमावस्या तिथि के दिन काले तिल का दान आध्यात्मिक नजरिए से सही माना जाता है। क्योंकि काले तिल पितरों को तृप्त करने में मदद करते हैं और इससे पितृ दोष की समस्या भी खत्म होती है।
अन्न का दान
धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक, अन्न दान 'महादान' की श्रेणी में आता है। ऐसे में अमावस्या तिथि के मौके पर जरूरतमंदों को भोजन कराने के साथ उन्हें अन्न का दान करने से पितृ की कृपा सदैव बनी रहती है। इस दिन ब्राह्मणों को भी भोजन कराना चाहिए।
काले कपड़े और कंबल का दान
अमावस्या के दिन काले कपड़े और कंबल का दान करना बेहद शुभ माना जाता है। मान्यता है कि, ऐसा करने से नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव कम होने के साथ ग्रह दोषों का असर कम होता है।
लोहा या तेल का दान
ज्योतिषीय मान्यताओं के मुताबिक, अमावस्या के मौके पर लोहे या सरसों के तेल का दान करना शुभ माना जाता है। ऐसा करने से जीवन में आने वाली समस्त परेशानियों से छुटकारा पाने में मदद मिलती है। इसके अलावा मंदिर में तेल का दीपक जलाना सही माना जाता है।
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