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पिठोरी अमावस्या पर आधी रात को कर लें ये 1 काम, मां लक्ष्मी की कृपा से चमकेगी किस्मत

Published: Thu, 10 Sep 2026 11:51 AM (IST)

पिठोरी अमावस्या 10 सितंबर 2026 को है, जिसे सनातन धर्म में अत्यंत शक्तिशाली माना जाता है। इस दिन आधी रात ...और पढ़ें

अमावस्या की रात मां लक्ष्मी की पूजा (Picture Credits- AI Images)

अमावस्या की रात मां लक्ष्मी की पूजा (Picture Credits- AI Images)

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धर्म डेस्क, नई दिल्ली। 10 सितंबर 2026 को पिठोरी अमावस्या है, जो अगले दिन यानी 11 सितंबर 2026, शुक्रवार को 8 बजकर 56 मिनट पर समाप्त होगी। सनातन धर्म में भादो मास की अमावस्या तिथि बेहद शक्तिशाली मानी जाती है।

माना जाता है कि, अमावस्या के दिन आधी रात को कुछ खास काम करने से मां लक्ष्मी की विशेष कृपा प्राप्त होती है, जो व्यक्ति को अत्यधिक धन का लाभ करा सकती है।

मां लक्ष्मी की कृपा और पितृ तर्पण के लिए खास 

हिंदू मान्यताओं के मुताबिक, अमावस्या के दिन मां लक्ष्मी की पूजा और पितृ को तर्पण करना अत्यंत शुभ माना जाता है। इससे घर की तमाम नकारात्मक ऊर्जा दूर हो जाती हैं और घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार बना रहता है। इसके अलावा ऐसा भी माना जाता है कि इससे आर्थिक और सेहत से जुड़ी समस्याओं से भी राहत मिलती है।

शुक्रवार की अर्ध रात्रि अमावस्या के दौरान घर के मुख्य द्वार के सामने तिल के तेल का दीपक जलाने से मां लक्ष्मी की विशेष कृपा प्राप्त होती है। जो लोग शत्रुओं से परेशान रहते हैं या आर्थिक समस्याएं बनी रहती हैं उन्हें इस उपाय को जरूर करना चाहिए।

अमावस्या तिथि के दौरान रात में दीपक जलाने का खास महत्व होता है।

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अमावस्या तिथि पर दान का महत्व

ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक, अमावस्या की रात सोने के लिए नहीं, बल्कि भगवान की पूजा-उपासना, मंत्र और साधना के लिए होती है।

इस दौरान लक्ष्मी जी के आठ भजनों (कनकधारा स्तोत्रम) का पाठ करने के साथ जरूरतमंदों को खाना खिलाना, काले तिल और काले कपड़ों का दान करना जीवन में चमत्कारी परिणाम दे सकता है। हालांकि इस दिन आधी रात को शौचालय जाने से बचना चाहिए, क्योंकि इस दिन नकारात्मक ऊर्जाओं का असर काफी ज्यादा होता है।

अमावस्या तिथि का महत्व

हिंदू पंचांग के मुताबिक, जिस तिथि पर चंद्र के दर्शन नहीं होते हैं, उस दिन को अमावस्या कहते हैं। अमावस्या को पापों से मुक्त होने का सुनहरा अवसर माना जाता है।

इस पुण्य तिथि पर स्नान करने का विधान है। अमावस्या तिथि को पैतृक ऋणों की पूर्ति के लिए भी सबसे शुभ दिनों में शामिल किया जाता है।

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अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें।