विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 08, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Pradosh Vrat 2025: महादेव के इन नामों के जप से जीवन में नहीं आएगा कोई संकट, रुके हुए काम होंगे पूरे

Published: Tue, 08 Apr 2025 09:30 PM (IST)

हर माह के कृष्ण और शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि को भगवान शिव की कृपा प्राप्त करने के लिए शुभ ...और पढ़ें

Lord Shiv: प्रदोष व्रत से जीवन होगा खुशहाल
Lord Shiv: प्रदोष व्रत से जीवन होगा खुशहाल

HighLights

  1. त्रयोदशी तिथि का विशेष महत्व है।
  2. इस दिन महादेव की पूजा का विधान है।
  3. प्रदोष व्रत के दिन शिव जी की पूजा संध्याकाल में होती है।

धर्म डेस्क, नई दिल्ली। सनातन धर्म में प्रदोष व्रत का विशेष महत्व है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, प्रदोष व्रत के दिन भगवान शिव और मां पार्वती की पूजा करने से साधक को जीवन में सुख मिलते हैं। साथ ही सभी डर से छुटकारा मिलता है।

अगर आप महादेव की कृपा प्राप्त करना चाहते हैं, तो प्रदोष व्रत की पूजा के दौरान शिव जी के 108 नामों का जप करें। मान्यता है कि शिव जी के नामों का जप करने से रुके हुए काम जल्द पूरे होते हैं। साथ ही धन से जुड़ी समस्या से छुटकारा मिलता है।

प्रदोष व्रत शुभ मुहूर्त

पंचांग के अनुसार, चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि की शुरुआत 09 अप्रैल को रात 10 बजकर 55 मिनट से होगी। इस तिथि का समापन 11 अप्रैल को रात 01 बजे होगा। इस प्रकार 10 अप्रैल को प्रदोष व्रत किया जाएगा।

भगवान शिव के 108 नाम

1. ॐ महाकाल नमः

2. ॐ भीमेश्वर नमः

3. ॐ विषधारी नमः

4. ॐ बम भोले नमः

5. ॐ विश्वनाथ नमः

6. ॐ अनादिदेव नमः

7. ॐ उमापति नमः

8. ॐ गोरापति नमः

9. ॐ गणपिता नमः

10. ॐ ओंकार स्वामी नमः

11. ॐ ओंकारेश्वर नमः

12. ॐ शंकर त्रिशूलधारी नमः

13. ॐ भोले बाबा नमः

14. ॐ शिवजी नमः

15. ॐ रुद्रनाथ नमः

16. ॐ भीमशंकर नमः

17. ॐ नटराज नमः

18. ॐ प्रलेयन्कार नमः

19. ॐ चंद्रमोली नमः

20. ॐ डमरूधारी नमः

21. ॐ चंद्रधारी नमः

22. ॐ दक्षेश्वर नमः

23. ॐ घ्रेनश्वर नमः

24. ॐ मणिमहेश नमः

25. ॐ अनादी नमः

26. ॐ अमर नमः

27. ॐ आशुतोष महाराज नमः

28. ॐ विलवकेश्वर नमः

यह भी पढ़ें: Pradosh Vrat 2025: पितृ दोष से न हों परेशान, शिवलिंग पर इन चीजों को चढ़ाने से समस्या होगी दूर

29. ॐ भोलेनाथ नमः

30. ॐ कैलाश पति नमः

31. ॐ भूतनाथ नमः

32. ॐ नंदराज नमः

33. ॐ नन्दी की सवारी नमः

34. ॐ ज्योतिलिंग नमः

35. ॐ मलिकार्जुन नमः

36. ॐ शम्भु नमः

37. ॐ नीलकंठ नमः

38. ॐ महाकालेश्वर नमः

39. ॐ त्रिपुरारी नमः

40. ॐ त्रिलोकनाथ नमः

41. ॐ त्रिनेत्रधारी नमः

42. ॐ बर्फानी बाबा नमः

43. ॐ लंकेश्वर नमः

44. ॐ अमरनाथ नमः

45. ॐ केदारनाथ नमः

46. ॐ मंगलेश्वर नमः

47. ॐ अर्धनारीश्वर नमः

48. ॐ नागार्जुन नमः

49. ॐ जटाधारी नमः

50. ॐ नीलेश्वर नमः

51. ॐ जगतपिता नमः

52. ॐ मृत्युन्जन नमः

53. ॐ नागधारी नमः

54. ॐ रामेश्वर नमः

55. ॐ गलसर्पमाला नमः

56. ॐ दीनानाथ नमः

57. ॐ सोमनाथ नमः

58. ॐ जोगी नमः

59. ॐ भंडारी बाबा नमः

60. ॐ बमलेहरी नमः

61. ॐ गोरीशंकर नमः

62. ॐ शिवाकांत नमः

63. ॐ महेश्वराए नमः

64. ॐ महेश नमः

65. ॐ संकटहारी नमः

66. ॐ महेश्वर नमः

67. ॐ रुंडमालाधारी नमः

68. ॐ जगपालनकर्ता नमः

69. ॐ पशुपति नमः

70. ॐ संगमेश्वर नमः

71. ॐ अचलेश्वर नमः

72. ॐ ओलोकानाथ नमः

73. ॐ आदिनाथ न

74. ॐ देवदेवेश्वर नमः

75. ॐ प्राणनाथ नमः

76. ॐ शिवम् नमः

77. ॐ महादानी नमः

78. ॐ शिवदानी नमः

79. ॐ अभयंकर नमः

80. ॐ पातालेश्वर नमः

81. ॐ धूधेश्वर नमः

82. ॐ सर्पधारी नमः

83. ॐ त्रिलोकिनरेश नमः

84. ॐ हठ योगी नमः

85. ॐ विश्लेश्वर नमः

86. ॐ नागाधिराज नमः

87. ॐ सर्वेश्वर नमः

88. ॐ उमाकांत नमः

89. ॐ बाबा चंद्रेश्वर नमः

90. ॐ त्रिकालदर्शी नमः

91. ॐ त्रिलोकी स्वामी नमः

92. ॐ महादेव नमः

93. ॐ गढ़शंकर नमः

94. ॐ मुक्तेश्वर नमः

95. ॐ नटेषर नमः

96. ॐ गिरजापति नमः

97. ॐ भद्रेश्वर नमः

98. ॐ त्रिपुनाशक नमः

99. ॐ निर्जेश्वर नमः

100. ॐ किरातेश्वर नमः

101. ॐ जागेश्वर नमः

102. ॐ अबधूतपति नमः

103. ॐ भीलपति नमः

104. ॐ जितनाथ नमः

105. ॐ वृषेश्वर नमः

106. ॐ भूतेश्वर नमः

107. ॐ बैजूनाथ नमः

108. ॐ नागेश्वर नमः

यह भी पढ़ें: Pradosh Vrat 2025: प्रदोष व्रत के दिन करें महादेव के इस स्तोत्र का पाठ, संकटों से मिलेगा छुटकारा

अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।