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पैसों की तंगी से न हों परेशान, तुलसी में जल चढ़ाते समय इस एक मंत्र का करें जप, दरिद्रता भागेगी कोसों दूर

Published: Tue, 06 Oct 2026 02:24 PM (GMT+05:30)

हिंदू धर्म में तुलसी का विशेष महत्व है, जहां मां लक्ष्मी का वास माना जाता है। धन की देवी को ...और पढ़ें

तुलसी में जल चढ़ाने से प्रसन्न होंगी मां लक्ष्मी (Picture Credit: AI Generated)

तुलसी में जल चढ़ाने से प्रसन्न होंगी मां लक्ष्मी (Picture Credit: AI Generated)


HighLights

  1. तुलसी में मां लक्ष्मी का वास, घर में धन-समृद्धि आती है।

  2. जल चढ़ाते समय "महाप्रसाद जननी" मंत्र का जप करें।

  3. रविवार, एकादशी को तुलसी में जल चढ़ाने से बचें।

धर्म डेस्क, नई दिल्ली। हिंदू धर्म में तुलसी के पौधे का विशेष महत्व है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, जिस घर में तुलसी का पौधा होता है, वहां सदैव धन की देवी मां लक्ष्मी वास करती हैं। साथ ही घर में दरिद्रता नहीं आती, क्योंकि तुलसी में माता लक्ष्मी का वास माना जाता है।

इसलिए इस पौधे के आसपास सफाई का विशेष ध्यान रखें और गंदे हाथों से तुलसी को भूलकर भी नहीं छूना चाहिए। ऐसा माना जाता है कि यह गलती करने से मां लक्ष्मी नाराज हो सकती हैं और जीवन में धन की कमी का सामना करना पड़ सकता है।

इसलिए शास्त्रों में बताए गए नियमों का पालन करना चाहिए। अगर आप मां लक्ष्मी को प्रसन्न करना चाहते हैं, तो तुलसी में जल चढ़ाते समय एक मंत्र का जप जरूर करें। धार्मिक मान्यता के अनुसार, मंत्र जप करने से धन लाभ के योग बनते हैं और सुख-समृद्धि में वृद्धि होती है। ऐसे में आइए इस आर्टिकल में आपको बताते हैं कि किस मंत्र का जप करना फलदायी साबित होगा।

जरूर करें इस मंत्र का जप

महाप्रसाद जननी, सर्व सौभाग्यवर्धिनी।
आधि व्याधि हरा नित्यं, तुलसी त्वं नमोस्तुते।।

इस मंत्र का हिंदी अर्थ है कि हे तुलसी माता, आप भगवान के महान प्रसाद को उत्पन्न करने वाली हैं। सौभाग्य को बढ़ाने वाली और मानसिक एवं शारीरिक कष्टों को दूर करने वाली तुलसी माता, आपको मेरा बार-बार नमस्कार है।

इन मंत्रों का भी कर सकते हैं जप

  • ॐ तुलस्यै नमः
  • ॐ सुभद्राय नमः
  • ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं ऐं वृन्दावन्यै स्वाहा

तुलसी में जल चढ़ाते समय ध्यान रखें ये बातें

  • वास्तु शास्त्र के अनुसार, तुलसी में जल चढ़ाते समय मुख पूर्व या उत्तर दिशा की ओर होना चाहिए। इस दिशा की तरफ मुख करके तुलसी में जल देने से शुभ परिणाम मिलते हैं और मां लक्ष्मी की कृपा से जीवन में खुशियों का आगमन होता है।
  • तुलसी को जल अर्पित करने के बाद पौधे की 3 बार परिक्रमा करना शुभ माना जाता है।
  • इस दौरान तुलसी के नामों का जप करें और किसी से वाद-विवाद न करें। साथ ही किसी के बारे में गलत न सोचें।
  • तुलसी में तांबे के लोटे से जल चढ़ाना सबसे उत्तम होता है।
  • रविवार, सूर्य ग्रहण, चंद्र ग्रहण और एकादशी के दिन तुलसी के पौधे में जल नहीं चढ़ाना चाहिए। मान्यता है कि वर्जित दिनों में तुलसी में जल चढ़ाने से मां लक्ष्मी नाराज हो सकती हैं और जीवन में समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।

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अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें।