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बिजनेस से लेकर परीक्षा तक, हर विघ्न को दूर करेंगे भगवान गणेश के ये 5 सिद्ध मंत्र

Published: Thu, 10 Sep 2026 10:01 AM (IST)Updated: Fri, 11 Sep 2026 09:24 AM (IST)

भगवान गणेश के महत्व और उनसे जुड़े पांच शक्तिशाली मंत्र जीवन में सफलता, स्वास्थ्य, धन और बाधाओं को दूर करने ...और पढ़ें

सुख-समृद्धि और धन के लिए गणेश मंत्र

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धर्म डेस्क, नई दिल्ली। हिंदू धर्म में गणेश जी अत्यंत प्रिय देवताओं में शामिल है, जिन्हें सभी देवी-देवताओं में प्रथम पूजनीय माना जाता है। हाथी के सिर के कारण उनकी पहचान बड़ी आसानी से हो जाती है और उनकी मूर्तियां और कलाकृतियां कई हिंदू घरों में भी देखने को मिलती है। चाहे बच्चे का स्कूल का पहला दिन हो या किसी नए बिजनेस की शुरुआत करनी हो सबसे पहले गणेश जी का आशीर्वाद लेना जरूरी माना जाता है।

गणेश जी का आशीर्वाद तब और प्रभाव दिखाता है, जब उनसे जुड़े मंत्रों का भी उच्चारण किया जाए। जल्दबाजी में नहीं बल्कि सच्चे दिल से मंत्र पढ़ने पर देवता की शक्ति आपके हित में काम करती है।

हम आपको गणेश जी के कुछ खास मंत्रों का के बारे में बताने जा रहे हैं, जो धार्मिक नजरिए से अत्यंत शक्तिशाली माने जाते हैं। गणेश जी की लोकप्रियता के कारण कई लोग नियमित रूप से इन मंत्रों का उच्चारण करते हैं। आइए जानते हैं इन मंत्रों के बारे में।

5 most powerful ganesha mantras meaning and benefits for success

गणेश जी के 5 अत्यंत शक्तिशाली मंत्र

ऊं गं गणपतये नम:

अर्थ- मैं भगवान गणेश को नमन करता/करती हूं, जो सभी तरह के विघ्नों को दूर करने वाले हैं। इस मंत्र का जाप तब करना चाहिए जब आप किसी नई यात्रा या नए काम की शुरुआत करने जा रहे हैं।

ऊं कपिलाय नम:

अर्थात्- मैं भगवान गणेश के कपिल स्वरूप को नमन करता/करती हूं। स्वास्थ्य और कल्याण की प्रार्थना के लिए और मन को शांत करने के लिए इस मंत्र का जाप करना चाहिए।

ऊं गणेश महालक्ष्म्यै नम:

अर्थात्- मैं भगवान गणेश और माता महालक्ष्मी को नमन करता/करती हूं। उनकी कृपा से जीवन में शुभता, समृद्धि और सौभाग्य बना रहे। धन और समृद्धि की प्रार्थना के साथ व्यापार और नए कार्य में सफलता प्राप्त करने के लिए इस मंत्र का जाप करना शुभ माना जाता है।

ऊं गणेशाय नम:

अर्थात्- मैं भगवान गणेश को नमन करता हूं, जो बुद्धि, विवेक और ज्ञान प्रदान करने वाले हैं। पढ़ाई शुरू करने से पहले और परीक्षा देने से पहले इस मंत्र का जाप करना शुभ माना जाता है।

ऊं वक्रतुंडाय नम:

अर्थात्- वक्रतुण्ड भगवान गणेश को मेरा नमन, जो जीवन के विघ्नों को दूर करने वाले हैं। इस मंत्र का पढ़ने से कठिन परिस्थितियों में शक्ति मिलती है। इसके अलावा काम में आने वाली बाधाएं भी दूर होती है।

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अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें।