Ratna Jyotish: हर ग्रह से माना गया है एक खास रत्न का संबंध, आपके लिए कौन-सा रहेगा सही?
रत्न ज्योतिष के अनुसार, सही रत्न धारण करने से व्यक्ति को लाभ मिल सकता है, जबकि गलत रत्न धारण करने से परेशानियां बढ़ जाती हैं। ऐसे में यह जरूरी है कि आप अपनी कुंडली में ग्रहों की स्थिति के अनुसार रत्न (Ratna Jyotish) धारण करें। चलिए जानते हैं इस बारे में।

Grah ke Anusar Ratna (AI Generated Image)
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। अगर आप ग्रह के अनुसार, रत्न धारण करते हैं, तो इससे आपको विशेष लाभ मिल सकता है। ऐसे में हमेशा किसी अच्छे ज्योतिष की सलाह पर ही रत्नों को धारण करना चाहिए। आज हम आपको बताने जा रहे हैं कि किस ग्रह के लिए कौन-सा रत्न धारण करना शुभ होता है।
1. सूर्य ग्रह
सूर्य को आत्मविश्वास, नेतृत्व और ऊर्जा का कारक ग्रह माना गया है। ऐसे में जिन जातकों की कुंडली में सूर्य की स्थिति कमजोर होती है, उन्हें माणिक्य रत्न धारण करने की सलाह दी जाती है।
2. चंद्र ग्रह
ज्योतिष शास्त्र में चंद्र ग्रह को मन व भावनाओं का कारक माना गया हैं। ज्योतिष शास्त्र में मोती को चंद्रमा के लिए एक उपयुक्त रत्न माना गया है। ऐसे में जिन जातकों की कुंडली में चंद्रमा की स्थिति कमजोर है वह मोती धारण कर सकते हैं।

3. बुध ग्रह
ज्योतिष शास्त्र की मान्यताओं के अनुसार, बुध ग्रह बुद्धि, व्यापार, और संवाद कौशल का प्रतिनिधि करते हैं। पन्ना रत्न का संबंध बुध ग्रह से माना गया है। ऐसे में जिन लोगों की कुंडली में बुध ग्रह कमजोर होता है, उन्हें पन्ना रत्न पहनने से लाभ मिल सकता है।
4. मंगल ग्रह
मंगल ग्रह साहस, ऊर्जा, निर्णय क्षमता और स्वास्थ्य के कारण माने गए हैं। अगर किसी जातक की कुंडली में मंगल की स्थिति कमजोर है, तो ऐसे में उनके लिए मूंगा रत्न धारण करना लाभकारी माना गया है।
5. गुरु ग्रह
बृहस्पति यानी गुरु ग्रह ज्ञान, धन, विवाह, संतान और आध्यात्मिकता के कारक हैं। गुरु ग्रह के लिए पुखराज रत्न को उत्तम माना गया है। ऐसे में कुंडली में गुरु ग्रह की स्थिति को मजबूत करने के पुखराज पहना जाता है।

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6. शनि ग्रह
ज्योतिष शास्त्र की मान्यताओं के अनुसार, शनि कर्म, अनुशासन और संघर्ष आदि के कारक हैं। कुंडली में शनि की स्थिति मजबूत करने के लिए नीलम धारण किया जा सकता है।
7. राहु ग्रह
राहु ग्रह को भ्रम, मानसिक अस्थिरता, कठोर वाणी और सांसारिक इच्छाओं आदि का कारक माना गया है। गोमेद रत्न को राहु से संबंधित माना जाता है। ऐसे में आप राहु के नकारात्मक प्रभावों से बचने के लिए इस रत्न को धारण कर सकते हैं।
8. शुक्र ग्रह

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ज्योतिष शास्त्र में शुक्र ग्रह को प्रेम, सौंदर्य और धन का कारक माना गया है। ऐसे में यदि आप अपनी कुंडली में शुक्र ग्रह की स्थिति मजबूत करना चाहते हैं, तो इसके लिए हीरा धारण कर सकते हैं।
9. केतु ग्रह
ज्योतिष शास्त्र में केतु को अध्यात्म, मोक्ष, त्याग, वैराग्य और अंतर्ज्ञान का ग्रह माना गया है। ऐसे में लहसुनिया रत्न धारण करने से आपको केतु ग्रह से अच्छे परिणाम मिल सकते हैं।
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अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।

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