केतु का आश्लेषा नक्षत्र में गोचर, आर्थिक तंगी से बचना है तो तुरंत छोड़ दें ये आदतें, वरना भुगतेंगे बुरे परिणाम
केतु 25 नवंबर 2026 को आश्लेषा नक्षत्र में गोचर करेंगे, जिसका प्रभाव सभी राशियों पर पड़ेगा। इस गोचर के दौरान ...और पढ़ें

केतु का महागोचर (Picture Credit- AI Generated)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। जब भी कोई ग्रह नक्षत्र परिवर्तन करता है, तो उसका प्रभाव सभी राशियों के जातकों पर पड़ता है। 25 नवंबर 2026 को दोपहर 04 बजकर 34 मिनट पर केतु आश्लेषा नक्षत्र में गोचर करेंगे। ऐसा माना जाता है कि केतु के नक्षत्र परिवर्तन से लोगों के जीवन में बड़े बदलाव आते हैं।
इस गोचर के दौरान आर्थिक नुकसान और पेशेवर जीवन में अस्थिरता से बचने के लिए कुछ कार्यों को भूलकर भी नहीं करना चाहिए। इन वर्जित कार्यों को करने से जीवन में भारी नुकसान का सामना करना पड़ सकता है। आइए इस आर्टिकल में जानते हैं कि केतु के नक्षत्र गोचर के दौरान कौन-से काम नहीं करने चाहिए।
भूलकर भी न करें ये काम
- आश्लेषा नक्षत्र के स्वामी बुध संचार और बुद्धि के कारक हैं। इस गोचर के दौरान लॉटरी या किसी भी नए कारोबार में निवेश नहीं करना चाहिए। माना जाता है कि ऐसा करने से आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ सकता है और व्यापार में सफलता प्राप्त नहीं होती। इसलिए धन से जुड़ा कोई भी फैसला सोच-समझकर ही लें।
- ज्योतिष शास्त्र में कुत्ते को केतु का प्रतीक माना गया है। इसलिए गोचर के दौरान कुत्तों को परेशान नहीं करना चाहिए। बेजुबानों को मारना या उन्हें भूखा रखना केतु को सबसे अधिक कमजोर और अशुभ बनाता है।
- इसके अलावा साधु-संतों और पुजारियों का कभी अपमान नहीं करना चाहिए। मान्यता के अनुसार, इस गलती करने से कुंडली में केतु कमजोर होता है, जिससे जीवन में कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।
- केतु के नक्षत्र गोचर के दौरान किसी से भी झूठ नहीं बोलना चाहिए और न ही किसी को धोखा देना चाहिए। इसके अलावा अकारण वाद-विवाद से बचें। ऐसा माना जाता है कि इन कार्यों को करने से व्यक्ति को जीवन में अशुभ परिणाम मिलते हैं।
कुंडली में कैसे करें केतु को मजबूत?
- कुंडली में केतु को मजबूत करने के लिए कुत्तों की सेवा करना अत्यंत शुभ माना जाता है। बेसहारा कुत्तों को नियमित रूप से रोटी या दूध खिलाएं। मान्यता के अनुसार, इस उपाय को करने से केतु मजबूत होता है और जीवन में सुख-समृद्धि की वृद्धि होती है।
- भगवान गणेश की नियमित रूप से पूजा-अर्चना करें। गणेश चालीसा, गणपति अथर्वशीर्ष या 'ॐ गं गणपतये नमः' मंत्र का जाप करें। माना जाता है कि सच्चे मन से इस उपाय को करने से केतु शीघ्र प्रसन्न होते हैं।
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