BRICS Summit 2026 को समझने में ये ग्लोबल इकोनॉमिक्स और जियोपॉलिटिक्स की किताबें करेंगी आपकी मदद

न्यूज चैनल और अखबारों से हटकर BRICS समिट को गहराई से समझना है तो यहां दी गई ग्लोबल इकोनॉमिक्स और जियोपॉलिटिक्स की किताबें आपकी मदद कर सकती हैं। इनकी मदद से आप अंतरराष्ट्रीय राजनीति को सही से समझ पाएंगे।
ब्रिक्स समिट 2026 को समझें इन किताबों के जरिए
ब्रिक्स समिट 2026 को समझें इन किताबों के जरिए

BRICS Summit 2026 के बारे में तो हर न्यूज चैनल और अखबार में बताया जा रहा है। लेकिन क्या आप भी इन खबरों से हटकर असल में इस सम्मेलन के बारे में गहराई से जानना चाहते हैं? तो यहां जियो पॉलिटिक्स और ग्लोबल इकोनॉमिक्स की किताबों के विकल्प दिए गए हैं जो आपको इस बारे में विस्तार से समझने में मदद करेंगी। ये किताबें आपको यह समझने में मदद करेंगी कि दुनिया की आर्थिक ताकत किस तरह बदल रही है, देशों के बीच रिश्ते कैसे बनते और बिगड़ते हैं और नई वैश्विक व्यवस्था किस दिशा में आगे बढ़ रही है जिससे आपको इंटरनेशनल पॉलिटिक्स के बारे में गहराई से जानकारी मिलेगी। 

देखें 5 बढ़िया किताबें यहां - 

जागरण स्मार्ट चॉइस पर अन्य कैटेगरी के प्रोडक्ट के बारे में पढ़ सकते हैं।

जांचे गए विकल्प

हमारे द्वारा सटीक रिसर्च के साथ प्रोडक्ट का चुनाव किया जाता है, जिसमें विशेषताओं की तुलना, ग्राहक समीक्षाएं, और प्रोडक्ट की खामियां तक शामिल होती हैं।

  • Global Economics: A Holistic Approach

    256 पन्नों की यह किताब प्रोफेसर क्लिफोर्ड एफ. थीस द्वारा लिखी गई है जो ग्लोबल इकोनॉमिक्स को समझाने की कोशिश करती है। आपको बता दें, इस किताब का मुख्य जोर इस बात पर है कि अर्थशास्त्र को राजनीति से अलग नहीं किया जा सकता। BRICS समिट में लिए जाने वाले फैसले केवल व्यापार बढ़ाने के लिए नहीं होते, बल्कि वे जिओपॉलिटिक्स के प्रभाव बनाने के लिए होते हैं। इस किताब में Global Economics के बारे में विस्तार से बताया गया है जिससे आपको देश-दुनिया में होने वाले अर्थव्यवस्था में बदलाव के बारे में अच्छे से जानकारी मिलती है।

    01
  • The Wealth of Nations: Books IV-V

    इंग्लिश भाषा की यह किताब एडम स्मिथ की एक मशहूर पुस्तक है जिसका नाम 'द वेल्थ ऑफ नेशंस' है। इस किताब में लेखक ने व्यापार, सरकार की भूमिका, टैक्स व्यवस्था और राष्ट्रों की आर्थिक नीति पर बहुत विस्तार से बात की है। इस किताब में आपको यह जानकारी दी गई है कि सरकार को कहां पैसा खर्च करना चाहिए, जैसे देश की सुरक्षा, न्याय व्यवस्था और बुनियादी ढांचा जैसे सड़कें, शिक्षा आदि। 672 पन्नों की यह किताब वैश्विक स्तर के इकोनॉमिक्स को सही से समझा सकती है।

    02
  • हमारे मूल मूल्य

    सटीक समीक्षाएं

    हर उत्पाद समीक्षा में विशेषताओं के साथ कमियों के बारे में भी बताया जाता है ताकि आप अपने लिए सही चुनाव कर सकें।

    सबसे ऊपर भरोसेमंद ब्रांड्स

    हम ग्राहकों के बीच लंबे समय से विश्वसनीय बने हुए उन लोकप्रिय प्रोडक्ट्स को प्राथमिकता देते हैं जिनकी सालों से लोग के बीच व बाजार में लोकप्रियता बनी हुई है।

    क्वालिटी और डील्स पर जोर

    हम पाठकों तक क्वालिटी और बेहतरीन डील्स पहुंचाने के लिए उन विकल्पों को प्राथमिकता देते हैं जो कीमत, सुविधाओं और विश्वसनीयता का सही संतुलन प्रदान करते हैं।

  • India and Asian Geopolitics: The Past, Present

    इंग्लिश भाषा में लिखी गई यह किताब India and Asian Geopolitics, पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) और विदेश सचिव शिवशंकर मेनन द्वारा लिखी गई है। इसमें 416 पन्ने दिए गए हैं जिसमें भारत की विदेश नीति और एशिया के बदलते राजनीतिक माहौल को समझाया गया है। चूंकि शिवशंकर मेनन खुद भारत की कूटनीति का अहम हिस्सा रहे हैं। इसलिए यह किताब केवल किताबी ज्ञान नहीं, बल्कि यह समझा सकती है कि बंद कमरों में फैसले कैसे लिए जाते हैं। आपको बता दें, BRICS Summit में भारत और चीन एक ही मेज पर बैठते हैं और इसमें चीन और भारत के बीच के कुछ तनाव को भी बताया गया है जिससे सम्मिट को समझने में मदद मिलेगी।

    03
  • Why Bharat Matters (Hindi)

    हिन्दी भाषा की यह किताब भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर द्वारा लिखी गई है। इस किताब की खासियत है कि डॉ. जयशंकर ने इस किताब में रामायण के प्रसंगों और पात्रों जैसे हनुमान जी, लक्ष्मण, अंगद के उदाहरणों से समझाया है कि कैसे प्राचीन भारतीय विचार और नीतियां आज के दौर में कूटनीति में काम आती हैं। 272 पन्नों की यह किताब इंडिया से भारत बनने का सफर समझाने में भी आपकी मदद करेगी और यह भी बताती है कि कैसे अपनी संस्कृति से प्रेरणा लेकर और देशवासियों का हित ध्यान में रखकर आगे बढ़ना चाहिए।

    04
  • Geopolitics and Development

    मार्क्स पावर द्वारा लिखी गई यह किताब मुख्य रूप से यह बताती है कि दुनिया के अमीर और ताकतवर देश विकास के नाम पर अपनी राजनीति और दबदबा कैसे कायम करते हैं। इंग्लिश की आसान भाषा में लिखी गई इस Geopolitics की किताब में 432 पन्ने दिए गए हैं। यह किताब उन देशों पर ध्यान केंद्रित करती है जो पहले सिर्फ मदद लेने वाले थे जैसे भारत, चीन, ब्राजील लेकिन अब वे खुद दुनिया के विकास का एजेंडा तय कर रहे हैं। यानी वे भी ब्रिक्स समिट का हिस्सा है और वैश्विक निर्णय लेते हैं। अगर आप BRICS Summit 2026 को समझना चाहते हैं तो इस किताब को चुन सकते हैं जिसमें आपको द्वितीय विश्व युद्ध के बाद से वर्ल्ड बैंक और IMF जैसी संस्थाओं के बारे में जानने का मौका मिलेगा।

    05

हाउस ऑफ बुक्स की कैटेगरी पर पढ़ें इस प्रकार की अन्य किताबों के बारे में।

Disclaimer: जागरण में, हम आपको लेटेस्ट ट्रेंड्स और प्रॉडक्ट्स के साथ अप-टू-डेट रहने में मदद करते हैं। यह लेख हमारे कैटेगरी के विशेषज्ञों द्वारा लिखे गए हैं। इन लेखों का उद्देश्य यूजर्स तक प्रोडक्ट के बारे में सही जानकारी पहुंचाने का है और सभी लेख गूगल के दिशानिर्देशों के अनुरूप होते हैं। इस लेख के जरिए जब ग्राहक खरीदारी करते हैं तो हमें रेवेन्यू का एक हिस्सा मिलता है। यहां किसी स्पैम नीति का उल्लंघन नहीं किया जाता है और कंज्यूमर प्रोटेक्शन एक्ट 2019 के तहत जागरण किसी भी दावे के लिए जिम्मेदार नहीं है, क्योंकि यहां जो भी जानकारी दी जाती है, वो ई कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध प्रोडक्ट के बारे में है और आगे चलकर उनकी कीमत में होने वाला बदलाव भी ई कॉमर्स प्लेटफॉर्म के संबंध में परिवर्तन के अधीन हैं। जागरण सेल्स, सर्विस या किसी भी प्रकार के विवादित अनुभव के लिए उत्तरदायी नहीं है।

Faq's

  • ब्रिक्स समिट क्या होता है?
    +
    BRICS Summit उभरती हुई प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं वाले देशों का एक वार्षिक अंतरराष्ट्रीय शिखर सम्मेलन होता है, जिसमें सदस्य देशों के राष्ट्राध्यक्ष आपसी राजनीतिक, आर्थिक और सांस्कृतिक सहयोग पर चर्चा करने के लिए एक मंच पर मिलते हैं। इसमें ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका शामिल हैं। इसके अलावा मिस्र, इथियोपिया, ईरान, सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात और इंडोनेशिया भी इसके पूर्ण सदस्य हैं।
  • ग्लोबल इकोनॉमिक्स को समझने के लिए किताबें पढ़ना क्यों जरूरी है?
    +
    किताबें वैश्विक अर्थव्यवस्था को केवल खबरों की तरह नहीं, बल्कि उसके पीछे के कारणों और लंबे समय में होने वाले बदलावों के साथ समझने में मदद करती हैं। जिससे आपको ग्लोबल इकोनॉमिक्स के बारे में गहराई से जानकारी मिलेगी।
  • ब्रिक्स को समझने के लिए जियो पॉलिटिक्स जानना क्यों जरूरी है?
    +
    बता दें, ब्रिक्स केवल इकोनॉमिकल सपोर्ट वाला मंच नहीं है। इसके सदस्य, देशों के राजनीतिक, रणनीतिक और कूटनीतिक हित भी जुड़े हुए हैं। इसलिए ब्रिक्स को समझने के लिए जियो पॉलिटिक्स को समझना जरूरी है।
  • ब्रिक्स समिट की विशेषता क्या है?
    +
    आपको बता दें, इसकी खास बात यह है कि इस सम्मेलन को सारे सदस्य देश बारी-बारी से अपने देश में आयोजित करते हैं। जिसमें ग्लोबल इकोनॉमिक्स, व्यापार, आतंकवाद के खिलाफ काम और विकासशील देशों के हितों पर बातचीत होती है। साल 2026 में यह आयोजन भारत में हो रहा है।