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NEET Paper Leak: किसने की थी सबसे पहले नीट पेपर लीक की शिकायत? सीकर में अब पुलिस SI लाइन हाजिर

Published: Sat, 16 May 2026 09:14 PM (IST)

नीट पेपर लीक मामले में सीबीआई ने सीकर के शिक्षक शशिकांत सुथार के बयान दर्ज किए हैं, जिन्होंने सबसे पहले लीक की शिकायत की थी।

किसने की थी सबसे पहले नीट पेपर लीक की शिकायत?

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जागरण संवाददाता,जयपुर। नीट पेपर लीक मामले की जांच कर रही सीबीआई की टीम ने सीकर के शिक्षक शशिकांत सुथार के बयान दर्ज किए हैं।

उधर शशिकांत की शिकायत दर्ज नहीं करने वाले पुलिस सब इंसपेक्टर को शनिवार को लाइन हाजिर किया गया है। शशिकांत ने मामले से जुड़े सबूत सीबीआई की टीम को सौंपे हैं।

किसने की सबसे पहले शिकायत?

सीबीआई की टीम शुक्रवार और शनिवार को दो दिन सीकर में रही। शशिकांत सीकर के एक निजी कोचिंग संस्थान में केमिस्ट्री पढ़ाने के साथ ही अलग से स्वयं भी छात्रों को नीट की तैयारी करवाते हैं।

दरअसल, नीट की परीक्षा समाप्त होने के बाद 3 मई को शशिकांत को पेपर लीक होने की सूचना मिली थी। उसने निचले स्तर पर शिकायत भी की थी। लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।

सूत्रों के अनुसार शशिकांत ने सीबीआई की टीम को बताया परीक्षा समाप्त होने के बाद उसके मकान मालिक ने एक वायरल पेपर दिखाया था। इस पेपर को गेस पेपर का नाम दिया गया था, लेकिन असल में यह लीक हुआ पेपर था।

जब शशिकांत ने इस वायरल पेपर का मिलना परीक्षा के बाद सार्वजनिक हुए पेपर से किया तो केमिस्ट्री के 45 सवाल दोनों में समान थे। शशिकांत ने अपने साथी बॉयोलॉजी के शिक्षक को पेपर दिखाया तो बॉयोलॉजी के करीब 90 सवाल हूबहू थे।

शशिकांत अपने छात्रों के साथ मिलकर दो दिन तब सबूत जुटाते रहे। इस दौरान सामने आया कि सीकर के ही एक निजी कोचिंग संस्थान में पढ़ने वाले जयपुर जिले के जमवारामगढ़ निवासी दिनेश बिंवाल के पुत्र ऋषि बिंवाल ने पेपर दो से दस लाख रुपये में बेचा है।

ऋषि ने पैसे लेकर पेपर करियर काउंसलर राकेश को दिया था । राकेश ने भी यह पेपर ईमित्र पर फोटो स्टेट करवा कर कई छात्रों को बेचा था। सबूत एकत्रित होने के बाद छह मई रात को एनटीए (नेशनल टेस्टिंग एजेंसी) एवं केंद्रीय गृहमंत्रालय को ईमेल पर शिकायत भेजी।

इसी दिन रात करीब डेढ़ बजे शशिकांत सीकर के उधोग नगर पुलिस थाने में लीक पेपर को लेकर शिकायत देने पहुंचा था। लेकिन उस समय ड्यूटी पर मौजूद पुलिस सब इंपेक्टर प्रभूसिंह ने शिकायत लेने से इनकार कर दिया।

अगले दिन सात मई को शशिकांत ने केंद्रीय एजेंसियों को फिर शिकायत भेजी थी। केंद्रीय एजेंसियों ने राजस्थान एसओजी को इस बारे में सूचना देकर सही तथ्यों की जानकारी देने के लिए कहा था। इस पर सात मई को देर रात एसओजी के वरिष्ठ अधिकारियों ने सीकर पहुंचकर शशिकांत सहित कई लोगों से पूछताछ की थी।

शशिकांत का कहना है कि मैंने परीक्षा की पारदर्शिता बरकरार रखने का प्रयास किया है। उधर सीकर जिला पुलिस अधीक्षक प्रवीण नायक ने शशिकांत की शिकायत दर्ज नहीं करने वाले उधोग नगर पुलिस थाने के सब इंसपेक्टर प्रभूसिंह को शनिवार को लाइन हाजिर किया है।

दो बच्चियां हॉस्टल से गायब

पेपर लीक मामले के आरोपित दिनेश बिंवाल,मांगीलाल बिंवाल एवं उसके पुत्र विकास के गिरफ्तार होने के बाद परिवार की दो बच्चियां सरकारी मेडिकल कॉलेजों से अचालक गायब हो गई हैं। वे जमवारामगढ़ भी नहीं पहुंची ।

इनमें जयपुर स्थित एसएमएस मेडिकल कॉलेज की छात्रा पलक बिंवाल बुधवार से गायब है। पलक अचानक हॉस्टल से गायब हो गई। कॉलेज की अतिरिक्त प्राचार्य डॉ.मोनिका जैन ने कहा, पलक पेपर लीक मामला सामने आने के बाद से गायब हैं। दौसा मेडिकल कॉलेज में पढ़ रही प्रगति बिंवाल भी बुधवार से गायब है। दोनों का साल, 2025 में सरकारी मेडिकल कॉलेज में चयन हुआ था।

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