जागरण संवाददाता, जयपुर। RajasthanGovernment:  राजस्थान की अशोक गहलोत सरकार 17 दिसंबर को एक साल का कार्यकाल पूरा कर रही है। गहलोत सरकार का एक साल का कार्यकाल पूरा होने के बाद बड़ा बदलाव करने को लेकर पार्टी आलाकमान कसरत में जुटा है। पार्टी के प्रदेश प्रभारी महासचिव अविनाश पांडे, राष्ट्रीय सचिव विवेक बंसल और तरुण कुमार मंत्रियों का रिपोर्ट कार्ड तैयार करने में जुटे हैं। मंत्रियों के अब तक के कामकाज के बारे में संगठन से फीडबैक लिया जा रहा है।

प्रत्येक मंत्री के कामकाज को लेकर कांग्रेस आलाकमान को नियमित रूप से रिपोर्ट भेजी जा रही है, जिन मंत्रियों की परफॉर्मेंस खराब है, उन्हें अगले फेरबदल में बाहर का रास्ता दिखाया जा सकता है। अविनाश पांडे ने कामकाज में कमजोर रहे मंत्रियों को परफॉर्मेंस सुधारने की हिदायत दी है। पांडे ने कहा कि अगले फेरबदल में कमजोर परफॉर्मेंस वाले मंत्रियों को बाहर करने के साथ नए चेहरों को मौका दिया जाएगा, वहीं अच्छी परफॉर्मेस वाले राज्य मंत्रियों को प्रमोट किया जाएगा।

जानकारी के अनुसार, सीएम गहलोत बसपा छोड़कर कांग्रेस में शामिल होने वाले सभी छह विधायकों को मंत्री बनाना चाहते हैं, लेकिन उपमुख्यमंत्री और प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सचिन पायलट को इस पर आपत्ति है। पांडे बीच का रास्ता निकालते हुए बसपा छोड़कर कांग्रेस में शामिल होने वाले तीन से चार विधायकों को बोर्ड एवं निगम में चेयरमैन बनाकर कैबिनेट मंत्री का दर्जा देना चाहते हैं। वे दो विधायकों को मंत्री बनाने के पक्ष में है। अब नए साल में इस बारे में अंतिम निर्णय हो जाएगा। बुधवार शाम जयपुर पहुंचे पांडे ने मंत्रियों और विधायकों के कामकाज को लेकर संगठन के पदाधिकारियों के साथ चर्चा की।

पांडे ने मंत्रियों को दी चेतावनी

मंत्रियों के विभागों के कामकाज, जिलों के दौरे और जनसमस्याओं के निवारण को परफॉर्मेंस का आधार बनाया गया है। कमजोर परफॉर्मेंस वाले मंत्रियों को प्रदेश प्रभारी ने चेतावनी दे दी है। अब मंत्री जिलों के दौरों और जनसुनवाई को लेकर ज्यादा सजग नजर आएंगे, क्योंकि पद पर बने रहने के लिए परफॉर्म करने की शर्त डाल दी गई है। पांडे सीएम से चर्चा कर लगातार मॉनिटरिंग कर रहे हैं। मंत्रियों को माह में दो दिन अपने प्रभार वाले जिलों का दौरा करने के लिए कहा गया है।

इस दौरान मंत्री कलेक्ट्रेट या सर्किट हाउस में जनसुनवाई करने के साथ ही जिला कांग्रेस कमेटियों के कार्यालयों में जाकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं से भी मिलेंगे। मंत्रियों को अपने दौरों की रिपोर्ट नियमित रूप से मुख्यमंत्री कार्यालय को भेजनी होगी। मंत्रियों के साथ ही विधायकों को भी लगातार आमजन के संपर्क में भी रहने की हिदायत दी गई है। 

यह भी पढ़ेंः घोषणापत्र पर अमल की निगरानी करेंगे राजस्थान के तीन मंत्री

Posted By: Sachin Mishra

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस