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राजस्थान के पाली में बायो पॉलिमर फैक्ट्री में लगी आग, 3 मजदूर झुलसे

Published: Mon, 19 Oct 2026 02:38 PM (IST)

राजस्थान के पाली जिले में सारड़ा बायो पॉलिमरस ग्वार-गम फैक्ट्री में भीषण आग लग गई, जिसमें तीन मजदूर गंभीर रूप ...और पढ़ें

राजस्थान के पाली जिले में फैक्ट्री में लगी आग(फोटो: आईएएनएस)

राजस्थान के पाली जिले में फैक्ट्री में लगी आग(फोटो: आईएएनएस)

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डिजिटल डेस्क, जयपुर। राजस्थान के पाली जिले के औद्योगिक क्षेत्र में रविवार देर रात सारड़ा बायो पॉलिमरस ग्वार-गम फैक्ट्री में भीषण आग लग गई। इस दर्दनाक हादसे में काम कर रहे तीन मजदूर गंभीर रूप से झुलस गए। आग इतनी भीषण थी कि लपटें और धुएं का गुबार काफी दूर से देखा जा सकता था।

सूचना मिलते ही दमकल विभाग और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और करीब साढ़े चार घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। हादसे में झुलसे तीनों मजदूरों विक्की (19), अवधेश कुमार (40) और राजू (28) को तुरंत पाली के बांगड़ अस्पताल ले जाया गया।

लगभग 70 प्रतिशत तक झुलस जाने के कारण डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार देकर उन्हें बेहतर इलाज के लिए जोधपुर रेफर कर दिया।

नाइट शिफ्ट के दौरान आधी रात को भड़की आग

यह हादसा पाली शहर के औद्योगिक क्षेत्र स्थित शारदा बायो पॉलिमर्स फैक्ट्री में रात करीब 11:30 बजे हुआ। पाली के एसडीएम विमलेंद्र सिंह राणावत के अनुसार, घटना के समय फैक्ट्री में नाइट शिफ्ट चल रही थी और वहां करीब 17 मजदूर काम कर रहे थे।

आग भड़कने से अंदर चीख-पुकार मच गई और कर्मचारियों ने बाहर निकलने की कोशिश की। कुछ प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, भागते समय कई मजदूरों के कपड़ों में भी आग लग चुकी थी।

दीवार तोड़कर अंदर पहुंचे दमकलकर्मी

शुरुआती जांच में आशंका जताई जा रही है कि जिस जगह मजदूर काम कर रहे थे, वहीं स्थित एक लिफ्ट में शॉर्ट सर्किट होने से यह आग लगी।

कुछ लोग बॉयलर में तकनीकी खराबी की बात भी कह रहे हैं। फैक्ट्री का प्रवेश द्वार संकरा होने और अंदर अत्यधिक धुआं भरा होने के कारण राहत कार्य में काफी बाधा आई।

दमकलकर्मियों ने दीवार तोड़कर अंदर जाने का रास्ता बनाया। आग की गंभीरता को देखते हुए पाली के अलावा सुमेरपुर, सोजत, रानी और फालना से भी दमकल की गाड़ियां मंगाई गईं। 8 दमकल गाड़ियों ने लगभग 55 फेरे लगाकर साढ़े चार घंटे में आग बुझाई।

फैक्ट्री परिसर में गैस सिलेंडर भी रखे हुए थे। गनीमत रही कि आग उन सिलेंडरों तक नहीं पहुंची, वरना बड़ा विस्फोट हो सकता था और नुकसान कई गुना बढ़ जाता।

हालांकि, परिसर में खड़ी एक ट्रैक्टर-ट्रॉली, कई मशीनें और कच्चा माल जलकर खाक हो गए। आग बुझने के बाद भी तलाशी अभियान जारी रहा, क्योंकि दो अन्य मजदूरों के अंदर फंसे होने की आशंका जताई गई थी।

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