₹4500000 का सौदा, डेढ़ सौ छात्र और सोशल मीडिया का खेल... कैसे रची गई नीट पेपर लीक की साजिश?
राजस्थान एसओजी के अनुसार, नीट-यूजी 2026 का लीक पेपर करीब एक हजार छात्रों तक पहुंचा था, जिसमें सीकर के करियर ...और पढ़ें
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नीट-यूजी 2026 का पेपर करीब 1000 छात्रों को मिला

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
जागरण संवाददाता, जयपुर। राजस्थान स्पेशल आपरेशन ग्रुप (एसओजी) का दावा है कि राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा ( नीट-यूजी) 2026 का लीक पेपर करीब एक हजार छात्रों को मिला था। सीकर के करियर काउंसलर राकेश मंडवारिया ने टेलीग्राम के जरिये 700 से अधिक छात्रों को 410 सवालों का अभ्यास करवाया था।
राकेश को सीबीआई ने बुधवार रात तीन अन्य लोगों के साथ हिरासत में लिया है। एसओजी ने करीब डेढ़ सौ से अधिक छात्रों के नामों की सूची सीबीआई को सौंपी है, जो टेलीग्राम के जरिये पहले खुद राकेश के संपर्क में आए और फिर उन्होंने अन्य छात्रों को जोड़ा। एसओजी की छह दिन की जांच में सामने आया कि टेलीग्राम के अतिरिक्त पेपर लीक माफियाओं ने कई वाट्सएप ग्रुप बनाए थे।
वाट्सएप-टेलीग्राम से पेपर फारवर्ड
इनमें से एक वाट्सएप ग्रुप प्राइवेट माफिया के नाम से सामने आया है। इस ग्रुप में करीब चार सौ से अधिक छात्र जुड़े थे। ग्रुप के कैप्शन में लिखा है कि यह ग्रुप सिर्फ परीक्षा पेपर अपलोड़ करने के लिए बनाया गया है। बाहरी लोगों को पेपर फारवर्ड नहीं करें।
एसओजी ने हिरासत में लिए गए 24 लोगों के मोबाइल बरामद किए हैं। मोबाइल फोन में मिले गेस पेपर और परीक्षा में आए पेपर के 120 सवाल पूरी तरह से समान हैं। इनमें कोमा, फूल स्टाप सहित किसी तरह का बदलाव नहीं है।
हिरासत में लिए गए लोगों से पूछताछ में सामने आया कि पुलिस सहित किसी भी जांच एजेंसी की नजर से बचने के लिए मूल पेपर को गेस पेपर का नाम दिया गया था।
45 लाख में हुआ था सौदा
बिंवाल परिवार के पांच बच्चे कर रहे एमबीबीएस राजस्थान में नीट पेपर लीक मामले के मास्टरमाइंड मांगीलाल और दिनेश बिंवाल का परिवार पहले पांच बच्चों के एमबीबीएस में चयन को लेकर चर्चा में आया था।
दिनेश बिंवाल ने बर्ष 2025 में सोशल मीडिया पर इसे परिवार के लिए गर्व की बात बताया था। एसओजी की जांच में सामने आया है कि आरोपितों ने गुरुग्राम के यश यादव से करीब 45 लाख रुपये में पेपर का सौदा किया और 30 लाख अग्रिम दिए।
दिनेश ने सबसे पहले यह गेस पेपर अपने पुत्र विकास को टेलीग्राम पर भेजा था। विकास ने सीकर में छात्रों को दो से 10 लाख रुपये में यह पेपर 29 अप्रैल से एक मई तक बेचा था।
29 मई को पेपर फारवर्ड
इस बीच दिनेश ने 29 मई को सीकर पहुंचकर अपने परिचितों के माध्यम से बेचा था। सीकर के कुछ छात्रों के पास जब पेपर पहुंचा तो करियर काउंसलर राकेश मंडवारिया को इस बारे में जानकारी मिली और उसने सीधे दिनेश को पैसे देकर पेपर ले लिया।
सीकर के एक ई-मित्र संचालक की दुकान से पेपर की बड़ी मात्रा में फोटो स्टेट करवाई गई थी। परीक्षा से एक दिन पहले दो मई की रात को पेपर दो से पांच हजार रुपये तक में बेचा गया। उल्लेखनीय है कि एसओजी ने 24 लोगों को हिरासत में लिया था।
सीबीआई ने 10 घंटे से अधिक की पूछताछ के बाद पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें दिनेश बिंवाल, उसका भाई मांगीलाल व पुत्र विकास के साथ ही गुरुग्राम से पकड़ा गया यश शामिल है। नासिक से शुभम खैरनार को गिरफ्तार किया गया है।
