जागरण संवाददाता, जयपुर। राजस्थान की दो विधानसभा सीटों पर 21 अक्टूबर को होने वाले उपचुनाव को लेकर सत्तारूढ़ दल कांग्रेस और मुख्य विपक्षी दल भाजपा के साथ ही राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (आरएलपी) ने तैयारी शुरू कर दी है। मंडावा और खींवसर विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव में भाजपा और आरएलपी का गठबंधन होगा।

आरएलपी के अध्यक्ष हनुमान बेनीवाल ने "दैनिक जागरण" को बताया कि लोकसभा चुनाव की तरह दोनों विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव में भी भाजपा और राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के बीच गठबंधन होगा। खींवसर सीट पर आरएलपी और मंडावा सीट पर भाजपा चुनाव लड़ेगी। खींवसर सीट पर हनुमान बेनीवाल अपने छोटे भाई नारायण बेनीवाल को चुनाव लड़ाने की तैयारी कर रहे है।

उधर, कांग्रेस ने मंडावा से रीटा चौधरी और खींवसर से हरेंद्र मिर्धा को टिकट देने का निर्णय कर लिया है। अधिकारिक घोषणा शुक्रवार तक कर दी जाएगी। कांग्रेस नेतृत्व ने चौधरी और मिर्धा को चुनाव की तैयारी में जुटने के लिए कह दिया है। पार्टी नेतृत्व से मिले संकेत के बाद दोनों ने जनसंपर्क शुरू कर दिया है। मिर्धा अशोक गहलोत की पहली सरकार में सार्वजनिक निर्माण मंत्री रह चुके हैं। उनके पिता स्व.रामनिवास मिर्धा लोकसभा अध्यक्ष रहे हैं। वहीं, रीटा चौधरी के पिता स्व. रामनारायण चौधरी कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रह चुके हैं।

सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट व कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अविनाश पांडे ने आपसी चर्चा कर चौधरी और मिर्धा के नाम तय करने के बाद कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की सहमति ले ली है। मुख्यमंत्री ने दोनों सीटों के लिए मंत्रियों और कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं को जिम्मेदारी सौंपे जाने को लेकर स्थानीय नेताओं से विचार-विमर्श करने का सिलसिला भी शुरू किया है।

उल्लेखनीय है कि हनुमान बेनीवाल के सांसद चुने जाने के कारण खींवसर और भाजपा के नरेंद्र खीचड़ के लोकसभा चुनाव जीतने के कारण मंडावा सीट खाली हुई थी। इन दोनों सीटों पर 21 अक्टूबर को मतदान होगा और 24 अक्टूबर को परिणाम आएगा। 

यह भी पढ़ेंः राजस्थान विधानसभा उपचुनावः अशोक गहलोत और सतीश पूनिया की अग्निपरीक्षा

Posted By: Sachin Mishra

अब खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस, डाउनलोड करें जागरण एप