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राजस्थान: बांसवाड़ा में 40000 की रिश्वत लेते कोर्ट रीडर और होमगार्ड गिरफ्तार, जमानत रद नहीं कराने के बदले मांगी थी घूस

Published: Mon, 12 Oct 2026 02:13 PM (GMT+05:30)

राजस्थान एसीबी ने बांसवाड़ा में 40000 की रिश्वत लेते हुए कोर्ट के ग्रेड-I क्लर्क संदीप कुमार नानावटी और होमगार्ड ड्राइवर राहुल चंदेल को गिरफ्तार किया है।

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डिजिटल डेस्क, जयपुर। राजस्थान भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने सोमवार को बांसवाड़ा में एक बड़ी कार्रवाई करते हुए कोर्ट के ग्रेड-I क्लर्क और एक होमगार्ड ड्राइवर को 40000 रुपये की रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया है।

एसीबी के महानिदेशक गोविंद गुप्ता के अनुसार, ब्यूरो को शिकायत मिली थी कि मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) के रीडर संदीप कुमार नानावटी ने होमगार्ड ड्राइवर राहुल चंदेल के जरिए रिश्वत की मांग की थी। यह रकम शिकायतकर्ता की जमानत रद न होने देने, अदालत में लंबित मामले में सजा से बचाने और केस में मदद करने के बदले मांगी गई थी।

जांच में पहले खर्चे-पानी के नाम पर लिए गए थे रुपये

एसीबी ने शिकायतकर्ता और सह-शिकायतकर्ता की रिपोर्ट पर 11 अक्टूबर को रिश्वत की मांग का सत्यापन कराया। जांच के दौरान सामने आया कि आरोपियों ने इससे पहले भी शिकायतकर्ता से 'खर्चे-पानी' के बहाने 2000 रुपये ऐंठे थे।

सत्यापन के बाद एसीबी उदयपुर रेंज के पुलिस अधीक्षक पीयूष दीक्षित के सुपरविजन और उप अधीक्षक रतन सिंह राजपुरोहित के नेतृत्व में ट्रैप की योजना बनाई गई।

टीम ने राहुल चंदेल को शिकायतकर्ताओं से 40000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया। इसके बाद मुख्य आरोपी संदीप कुमार नानावटी को भी गिरफ्तार कर लिया गया।

आरोपियों के ठिकानों पर तलाशी

एसीबी की अतिरिक्त महानिदेशक स्मिता श्रीवास्तव और महानिरीक्षक एस. परिमला के निर्देशन में दोनों आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। ब्यूरो दोनों आरोपियों के आवासों और अन्य ठिकानों पर तलाशी ले रहा है। दोनों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी गई है।

एसीबी ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे जांच के डर का फायदा उठाने वाले बिचौलियों या धोखेबाजों के झांसे में न आएं। यदि किसी व्यक्ति के खिलाफ एसीबी में कोई शिकायत या प्रारंभिक जांच चल रही है, तो वह सीधे ब्यूरो के समक्ष उपस्थित होकर अपना पक्ष रख सकता है। निष्पक्ष जांच के बाद ही नियमों के तहत निर्णय लिया जाता है।

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