जयपुर, जेएनएन। पढ़ाई के दौरान लगी नशे की लत ने दो सम्भावनाशील युवकों को ड्रग्स का सप्लायर बना दिया। इनमें से एक लॉ का छात्र और दूसरा इंजीनियरिंग का। राजस्थान पुलिस की स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप की टीम ने इन छात्रों को एक किलो 450 ग्राम चरस के साथ पकड़ा है। जयपुर के पास आमेर इलाके में हाइवे पर बनी कुण्डा पुलिस चैक पोस्ट पर इन तस्करों को जैकेट के अन्दर छिपा रखी एक प्लास्टिक की थैली में रखी चरस के साथ पकड़ा गया है। 

प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया कि ये हिमाचल प्रदेश से 80 हजार से 1 लाख रुपए प्रति किलो में चरस खरीद कर दस गुना दामों में जयुपर के होटल, कैफे और डिस्को बार में सप्लाई करते थे। अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक एटीएस एवं एसओजी अनिल पालीवाल ने बताया कि गिरफ्तार तस्कर अंकुश सिंह उर्फ अक्की चैहान भरतपुर का रहने वाला है और जययुर में रह कर इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहा है। जबकि, दूसरा आरोपी उपेन्द्र ठागरिया उर्फ शेरू मालपुरा का रहने वाला है और लॉ की पढाई कर रहा है। यह भी जयपुर में रहता है। इनमें एक युवक के पिता इंडियन ऑयल कंपनी में जॉब करते है। 

पालीवाल के मुताबिक एसओजी को मुखबीर के जरिए सूचना मिली थी कि हिमाचल प्रदेश से लाकर जयपुर शहर व उसके आसपास के क्षेत्रों में अवैध मादक पदार्थों की तस्करी की जा रही है। तब एसओजी टीम ने कुण्डा चैक पोस्ट आमेर से पहले दिल्ली-जयपुर हाईवे पर नाकाबंदी करवाई। दोनों युवकों को बस में पकड़ लिया। 

पूछताछ में बताया कि करीब पांच साल पहले पढ़ाई के दौरान नशे की लत लग गई। वे पहले खुद के लिए नशा खरीदने लगे। इसके बाद पैसा कमाने के लालच में गिरोह के संपर्क में आकर खुद भी हिमाचल से चरस लाकर बेचना शुरु कर दिया। वे करीब डेढ़ साल से चरस तस्करी कर रहे थे। उनसे पूछताछ जारी है गौरतलब है कि इन दिनों राजस्थान ड्रग्स का नया केन्द्र बन रहा है और पुलिस कार्रवाई में हर रोज तस्कर पकड़ में आ रहे हैं। 

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Posted By: Babita kashyap

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