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पटियाला में पंजाबी विश्वविद्यालय के गेट बंद; महंगी कैंटीन और परिणाम देरी पर छात्रों का विरोध

Published: Wed, 18 Mar 2026 01:04 PM (IST)

पटियाला के पंजाबी विश्वविद्यालय में छात्रों ने कैंटीन के बढ़े दाम और परिणाम में देरी के विरोध में गेट बंद ...और पढ़ें

पटियाला में पंजाबी यूनिवर्सिटी के गेट पर खड़े स्टूडेंट्स।

पटियाला में पंजाबी यूनिवर्सिटी के गेट पर खड़े स्टूडेंट्स।

HighLights

  1. कैंटीन में खाने-पीने की वस्तुओं के दाम बढ़ाए गए।

  2. परीक्षा परिणाम और प्रमाण पत्र मिलने में देरी।

  3. छात्र गतिविधि निधि उपयोग में पारदर्शिता का अभाव।

जागरण संवाददाता, पटियाला। पटियाला स्थित पंजाबी यूनिवर्सिटी में बुधवार सुबह उस समय हंगामे की स्थिति बन गई, जब छात्रों ने अपनी मांगों को लेकर मुख्य द्वार बंद कर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। गेट बंद होने के कारण बड़ी संख्या में कर्मचारी और अन्य छात्र परिसर के भीतर प्रवेश नहीं कर सके, जिससे यूनिवर्सिटी की गतिविधियां प्रभावित रहीं।

प्रदर्शन कर रहे छात्र स्टूडेंट्स फेडरेशन आफ इंडिया के बैनर तले एकजुट हुए। छात्र नेताओं ने आरोप लगाया कि यूनिवर्सिटी में संचालित कैंटीनों में बिना किसी पूर्व सूचना के खाने-पीने की वस्तुओं के दाम बढ़ा दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि परिसर में 10 से अधिक कैंटीन हैं, जिनमें से तीन पहले ही बंद पड़ी हैं, जबकि जो कैंटीन चल रही हैं, उनमें कीमतों में अचानक वृद्धि कर दी गई है।

छात्रों का कहना है कि यह फैसला सीधे तौर पर उनके हितों के खिलाफ है और आर्थिक रूप से उन पर अतिरिक्त बोझ डाल रहा है। उन्होंने इसे छात्रों के साथ अन्याय बताते हुए तुरंत कीमतें कम करने की मांग की है।

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पारदर्शिता की कमी का आरोप

इसके अलावा, छात्रों ने यूनिवर्सिटी प्रशासन पर पारदर्शिता की कमी का आरोप भी लगाया। उनका कहना है कि छात्र गतिविधि निधि के उपयोग को लेकर कोई स्पष्ट जानकारी सार्वजनिक नहीं की जा रही है, जिससे संदेह की स्थिति बनी हुई है।

प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने यह भी आरोप लगाया कि परीक्षा परिणाम घोषित करने में लगातार देरी हो रही है। कई छात्रों को अपने प्रमाण पत्र और डिग्री प्राप्त करने के लिए महीनों तक इंतजार करना पड़ रहा है, जिससे उनके भविष्य और रोजगार के अवसरों पर असर पड़ रहा है।

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ज्ञापन के बाद भी अधिकारियों ने नहीं उठाया कदम

छात्र नेता कुशालदीप सिंह ने बताया कि इन सभी मुद्दों को लेकर कई बार यूनिवर्सिटी प्रशासन को ज्ञापन दिया गया, लेकिन किसी भी अधिकारी ने इस पर गंभीरता से ध्यान नहीं दिया। उन्होंने कहा कि प्रशासन की अनदेखी के कारण छात्रों को मजबूर होकर विरोध प्रदर्शन करना पड़ा है।

प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और चेतावनी दी कि यदि जल्द ही उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

फिलहाल यूनिवर्सिटी प्रशासन की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। हालांकि, स्थिति को देखते हुए परिसर में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है और हालात पर नजर रखी जा रही है।

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