राहत: पंजाब में बिजली संकट के बीच रोपड़ थर्मल प्लांट का एक यूनिट हुआ चालू, 4 में से दो अब भी बंद
रोपड़ थर्मल प्लांट का खराब एक यूनिट बुधवार दोपहर चालू हो गया। चार में से दो यूनिट अब भी बंद हैं। पावरकाम को फिलहाल 215 मेगावाट बिजली मिल रही है।

ये प्रतीकात्मक तस्वीर है।
HighLights
रोपड़ थर्मल प्लांट का एक यूनिट ठीक होकर चालू हुआ।
प्लांट के चार में से दो यूनिट अभी भी बंद हैं।
राज्य में बिजली की मांग 16584 मेगावाट तक पहुंची।
जागरण संवाददाता, पटियाला। पंजाब में बिजली संकट के बीच पावरकाॅम को बुधवार को आंशिक राहत मिली। सरकारी क्षेत्र के रोपड़ थर्मल प्लांट के खराब तीन यूनिटों में से एक यूनिट दोपहर को ठीक होकर चालू हो गया। इसके बाद प्लांट में बिजली उत्पादन शुरू हो गया। हालांकि, चार यूनिट वाले इस प्लांट के दो यूनिट अभी भी बंद हैं।
इससे पहले बुधवार सुबह रोपड़ थर्मल प्लांट का एक और यूनिट खराब हो गया था। इसके चलते प्लांट के कुल चार यूनिटों में से तीन यूनिट बंद हो गए थे। दोपहर में एक यूनिट ठीक होने के बाद बिजली उत्पादन क्षमता में कुछ सुधार हुआ है। कुल 840 मेगावाट क्षमता वाले इस प्लांट से फिलहाल पावरकाम को 215 मेगावाट बिजली मिल रही है।
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निजी थर्मल प्लांट पूरी क्षमता से चल रहे
दूसरी ओर, निजी क्षेत्र के राजपुरा और तलवंडी साबो थर्मल प्लांट अपनी पूरी क्षमता के साथ चल रहे हैं। इन दोनों प्लांटों से बिजली उत्पादन जारी रहने से पावरकाम को राज्य की मांग पूरी करने में मदद मिल रही है। सरकारी क्षेत्र के रोपड़ थर्मल प्लांट में यूनिटों के बंद होने से उत्पादन प्रभावित हुआ है।
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बिजली की मांग 16584 मेगावाट पहुंची
राज्य में बिजली की मांग इस समय 16584 मेगावाट चल रही है। इस सीजन में बिजली की मांग 17300 मेगावाट से अधिक तक पहुंच चुकी है। यह राज्य के बिजली क्षेत्र के इतिहास में एक दिन में दर्ज की गई सबसे अधिक मांग बताई गई है। बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए पावरकाम को केंद्रीय क्षेत्र से बिजली खरीद पर काफी निर्भर रहना पड़ रहा है।
बुधवार को पावरकाम केंद्रीय क्षेत्र से अधिकतम 11296 मेगावाट बिजली खरीद चुका है। सरकारी थर्मल प्लांट में उत्पादन प्रभावित होने के कारण केंद्रीय क्षेत्र से बिजली खरीद की भूमिका और महत्वपूर्ण हो गई है। इस बीच रोपड़ थर्मल के एक यूनिट के चालू होने से पावरकाम को कुछ अतिरिक्त बिजली उपलब्ध हुई है।
