जासं, लुधियाना। प्रेम नगर के कूचा नंबर 16 इलाके में छत पर खेल रहे बच्चों ने चुन्नी का झूला बनाया था, जो एक सात वर्षीय मासूम बच्ची के लिए मौत का फंदा बन गया। झूले से गिरते हुए उसकी गर्दन झूले में फंस गई और उसने दम तोड़ दिया। मामले को दबाने के लिए अस्पताल में उसके मां-बाप ने बीमारी का बहाना बनाया, लेकिन मासूम की छोटी बहन ने सबके सामने सच्चाई बयान कर दी। पता चलते ही इलाका पार्षद ने थाना डिवीजन नंबर दो पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर सिविल अस्पताल के शवगृह में रखवा दिया।

एएसआइ भजन सिंह ने बताया कि मृतक बच्ची की पहचान सात वर्षीय नाजीदा खातून के रूप में हुई। उसके पिता शागीर आलम किसी फैक्ट्री मै नौकरी करते हैं। शागीर के छह बच्चे हैं, जिनमें से नजीदा तीसरे नंबर पर थी। शागीर आलम बिहार के मोतीहारी स्थित अपने गांव से रविवार सुबह ही लौटा था। यहां वह प्रेम नगर में एक मकान की दूसरी मंजिल पर किराये पर रहता था। रविवार दोपहर बाद 3-4 बच्चे छत पर खेल रहे थे। वहां पड़े एक गार्डर के साथ बच्चों ने चुन्नी बांध कर झूला बनाया और बारी-बारी से झूलने लगे।

झूला झूलते समय बिगड़ा संतुलन

झूला झूलते हुए नजादी का बैंलेंस बिगड़ गया और गिरते हुए उसकी गर्दन झूले में फंस गई। बच्चों के शोर मचाने पर पड़ोस में रहने वाला एक व्यक्ति ऊपर आया और शागीर आलम को भी बुलाया। इसके बाद बच्ची को सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां डाक्टरों ने उसे देखते ही मृतक करार दे दिया। परिवार ने कहा कि उसकी मौत बीमार होने के कारण हुई है, लेकिन उसकी छोटी बहन राजिया खातून ने सब को बता दिया कि उसकी गर्दन झूले में फंस गई थी।

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