लुधियाना में 1408 करोड़ के कचरा प्रबंधन टेंडर का विरोध, नंगे पैर 12 किमी चलेंगे पार्षद, देंगे लिखित आपत्ति
लुधियाना में करीब 1408 करोड़ रुपये के कचरा प्रबंधन टेंडर के विरोध में पार्षद गौरव भट्टी नंगे पैर 12 किलोमीटर पदयात्रा करेंगे और एफएंडसीसी बैठक में आपत्ति दर्ज कराएंगे।

पार्षद गौरव भट्टी।
HighLights
पार्षद गौरव भट्टी 12 किमी नंगे पैर पदयात्रा करेंगे।
1408 करोड़ के सॉलिड वेस्ट टेंडर का विरोध करेंगे।
15 हजार मजदूरों की रोजी-रोटी पर खतरा बताया।
जागरण संवाददाता, लुधियाना। सालिड वेस्ट के डोर-टू-डोर टेंडर को रद्द करने की मांग को लेकर कौंसलर और एफएंडसीसी सदस्य गौरव भट्टी सोमवार को अपने घर से मेयर हाउस तक करीब 12 किलोमीटर की पदयात्रा नंगे पैर करेंगे। मेयर कैंप आफिस में रखी एफएंडसीसी बैठक में प्रोजेक्ट के खिलाफ अपना लिखित विरोध देंगे। यह टेंडर करीब 1408 करोड़ का बताया जा रहा है, इस टेंडर का पहले दिन से लगातार विरोध कर रहे है।
गौरव भट्टी के अनुसार सुबह 10 बजे अपने कार्यालय से रवाना होंगे। उनकी यात्रा का रूट विश्वनाथ मंदिर, हनुमान मंदिर, विश्वकर्मा चौक, 100 फुटा डंप, शिव चौक, चीमा चौक, सूफियां चौक, मिनी रोजगार गार्डन, हर हर महादेव मंदिर, शनि मंदिर, सिविल अस्पताल रोड, फील्ड गंज, दुख निवारण साहिब पुल, जगराओं पुल और श्री दुर्गा माता मंदिर से होते हुए फाउंटेन चौक तक जाएगा।
वे दोपहर करीब 2 बजे मेयर हाउस पहुंचेंगे, जहां एफएंडसीसी की बैठक में वे इस टेंडर के खिलाफ अपना लिखित विरोध दर्ज कराएंगे।
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15 हजार मजदूरों की रोजी-रोटी पर खतरा
कौंसलर भट्टी का कहना है कि इस टेंडर से शहर के करीब 15 हजार गरीब मजदूरों और दलित परिवारों की रोजी-रोटी पर सीधा खतरा मंडरा रहा है। उनके मुताबिक सालिड वेस्ट मैनेजमेंट, रोड स्वीपिंग, फोगिंग का निजीकरण हो रहा है। इन तीन योजनाओं के लागू होने से निगम को हर माह 50 करोड़ रुपये भुगतान के लिए चाहिए होंगे।
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निगम पर बढ़ेगी वित्तीय बोझ
इतनी बड़ी रकम का बोझ नगर निगम और लुधियाना वासियों पर अनुचित वित्तीय दबाव डालेगा, जबकि हजारों परिवारों का रोजगार भी दांव पर लगेगा। उन्होंने कहा कि साफ शहर पर सबका अधिकार है, लेकिन इसकी कीमत गरीबों के रोजगार से नहीं वसूली जानी चाहिए। यह सिर्फ उनका निजी संघर्ष नहीं, बल्कि शहर के गरीब मजदूरों, दलित परिवारों और आम जनता के पैसे की रक्षा का सवाल है।
मिलकर आवाज उठाने की रखी मांग
उन्होंने शहरवासियों से अपील की है कि सभी मिलकर लुधियाना के हित में आवाज बुलंद करें, क्योंकि गरीब मजदूरों और दलित परिवारों की आवाज सबकी साझा आवाज है। पदयात्रा के दौरान लुधियाना बचाओ, रोजगार बचाओ और जनता का पैसा बचाओ के नारे गूंजेंगे। कौंसलर ने इसे जनता की ताकत और लुधियाना की पहचान से जोड़ते हुए शहरवासियों से बड़ी संख्या में समर्थन देने की अपील की है।
