जासं, लुधियाना। इंटरनेट मीडिया पर सिख धर्म के प्रति अभद्र शब्दावली का उपयोग करने वाले अमित अरोड़ा और उसके साथ पुलिस कमिश्नर दफ्तर आए कांग्रेस नेता गुरसिमरन सिंह मंड के उस समय हाथ पांव फूल गए। जब आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस कमिश्नर पहुंचे सिख संगठनों ने दोनों को घेर लिया। तीखी झड़प के बाद मामला हाथापाई तक पहुंच गया। जिसमें गुरसिमरन मंडी की पगड़ी गिर गई।

सिख संगठन दोनों के पीछे तलवारें लेकर भागे। जान बचाने के लिए दोनों पुलिस कमिश्नर दफ्तर में घुस गए। उनके पीछे गुरसिमरन सिंह मंड को मिले पुलिस सुरक्षा कर्मी भी घुस गए। सिख संगठन दोनों के बाहर आने का इंतजार करती रही। मगर पुलिस ने दोनों को पीछे के रास्ते से निकाल कर उनके घरों की और भेज दिया। बताया जा रहा है कि दोनों की सुरक्षा के लिए पुलिस की 4 गाड़ियां भी भेजी गईं।

बता दें कि बुधवार देर शाम थाना डिवीजन नंबर 3 पुलिस ने शिवाजी नगर निवासी परमिंदर सिंह की शिकायत पर चंडीगढ़ रोड के जमालपुर निवासी अनिल अरोड़ा तथा उसके 3 अज्ञात साथियों के खिलाफ धार्मिक भावनाओं को आहत करने के आरोप में केस दर्ज किया था। पुलिस को दिए बयान में उसने बताया कि सोशल मीडिया पर अनिल अरोड़ा की एप्प में आइडी बनी हुई है। जिसमें उसके समेत चार लोगों ने सिख धर्म के गुरु जी के बारे में आपत्तिजनक शब्दावली का इस्तेमाल कर उनकी धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाई।

इस मामले में शरारती तत्वों के खिलाफ कार्रवाई करने को लेकर बुधवार शाम धर्मपुरा चौकी के बाहर रोष प्रदर्शन भी किया गया था। उसी मामले में आरोपितों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर सिख संगठन वीरवार पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर से मिलने के लिए जा रहे थे। उसी समय उनका सामना मंड और अरोड़ा के साथ हाे गया।

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Edited By: Vipin Kumar