जागरण संवाददाता, लुधियाना। शहर में अब जल्द ही कमर्शियल डिफाल्टरों पर शिकंजा कसेगा। दरअसल , निगम कमिश्नर डाक्टर शेना अग्रवाल ने जोनल कमिश्नर्स को निर्देश दिए हैं कि रिकवरी तेज करने पर काम किया जाए। नगर निगम खजाने की कड़की को दूर करने के लिए मंगलवार को शेना अग्रवाल ने एक मीटिंग की।

इसमें कहा गया कि कमर्शियल प्रापर्टीज पर फोक्स किया जाए। इसके लिए सभी जोन पर चेकिंग अभियान तेज करने के लिए कहा गया है। जानकारी के अनुसार निगम कमिश्नर के समक्ष सभी जोनल कमिश्नर ने अपनी रिकवरी रिपोर्ट रखी। इसमें बताया गया कि इस साल के टारगेट तक लगभग 80 प्रतिशत हिस्सा पूरा कर चुके हैं। ऐसे में निगम कमिश्नर ने उन्हें डिफाल्टर्स पर शिकंजा कसने के निर्देश दिए।

इसमें गलत रिर्टन फाइल करने वालों की जांच करने के लिए कहा गया है। इसके अलावा जो कमर्शियल प्रापर्टी मालिक अवैध तौर पर सीवरेज पानी कनेक्शन चला रहे या फिर बिल अदा नहीं कर रहे हैं, उनकी लिस्ट बना कार्रवाई करने के लिए कहा गया है। साथ ही अन्य ब्रांच की रिकवरी पर फोकस करने के आदेश दिए गए हैं। ताकी ज्यादा से ज्यादा पैसा एकत्र किया जा सके।

रिकवरी कम हाेने से विकास कार्य हाे रहे प्रभावित

वित्तीय वर्ष 2022-23 के लिए निगम का 968.13 करोड़ रुपये का बजट पास हुआ था। इसमें आय का सबसे बड़ा साधन गुड्स एंड सर्विस टैक्स (जीएसटी) है। इसके तहत पंजाब सरकार से निगम को 610 करोड़ रुपये साल भर में मिलने हैं। सरकार हर माह नगर निगम को जीएसटी का पैसा जारी करती है।

निगम को हर माह सरकार से 51 करोड़ रुपये मिलने चाहिए। अप्रैल से अब तक निगम को केवल 132 करोड़ रुपये ही मिले हैं। निगम के पास कच्चे व पक्के आठ हजार कर्मचारी हैं। उन्हें वेतन देने के लिए 35 करोड़ की जरूरत होती है। कई बार टैक्स की रिकवरी कम हाेने पर कर्मचारियाें का वेतन भी देरी से रिलीज हाेता है।

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Edited By: Deepika

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